Tally क्या है – What Is Tally In Hindi

नमस्कार,दोस्तों आज हम आपको Tally क्या है के बारे में पूरी जानकारी अपनी इस पोस्ट में देंगे। अक्सर हम कंप्यूटर से जुड़ी कोर्स करने के लिए किसी सेंटर या इंस्टिट्यूट में जाते हैं। तो वहां पर हमें टैली शब्द अवश्य सुनने को मिलेगा और हमें इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती।

सबको पता होता है कि Tally शब्द कंप्यूटर के किसी कोर्स से संबंधित है। और इसे सीखना भी जरूरी है। परंतु कोई भी इसके बारे में पूरी जानकारी हमसे साझा नहीं करता। ऐसे में हमें टैली के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है।

टैली कैसे सीखे टैली कोर्स करने के बाद हमें क्या फायदा होगा। आगे इस पोस्ट में पूरी जानकारी आपको देंगे पोस्ट को पूरा पढ़ें ध्यानपूर्वक समझें

Tally क्या है –

Tally की फुल फॉर्म “Transactions Allowed In A Line Yards” है। टैली एक कंप्यूटर अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर है। इसमें बड़ेबड़े बिजनेस का हिसाबकिताब टैली सॉफ्टवेयर की सहायता से किया जाता है। पुराने जमाने में हिसाब मुनीम के द्वारा बहीखातों में दर्ज किया जाता था। परंतु समय के साथ टेक्नोलॉजी एडवांस होती गई Accounting Software को बनाया गया।

Tally क्या है

Tally की डिमांड उस समय सबसे ज्यादा होती है। जब कोई नया बिजनेस शुरू होता है। ऐसे में जिन्होंने Tally Course किया होता है। उन्हें Hire किया जाता है। टेली जैसे अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर ने मनुष्य के काम को लगभग कम कर दिया है। सब काम आसानी से सॉफ्टवेयर के द्वारा चुटकियों में कर लिए जाते हैं।

Tally का इतिहास

टैली भारतीय अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर कंपनी है। जिसकी 1986 में श्यामसुंदर गोयनका का और उनके बेटे भरत गोयनका ने शुरुआत की श्यामसुंदर गोयनका का कच्चा माल का व्यापार था। वे कच्चे माल को टेक्सटाइल मिल को भेजा करते थे। कारोबार में वृद्धि होने पर उन्हें अपने बिजनेस को मैनेज करने में परेशानी होने लगी। उस समय ऐसा कोई Software नहीं होता था। जो उनकी जरूरत को पूरा कर सके। हिसाबकिताब को करने में परेशानी आने लगी।

जिसको देखते हुए श्यामसुंदर गोयनका ने अपने बेटे भरत गोयनका से अपने बिजनेस में Accounting संबंधित लेखाजोखा संभालने हेतु सॉफ्टवेयर बनवाया। इसके बाद भरत गोयनका ने अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का पहला वर्जन जिसका नाम MS-Dos था। लांच कर दिया। पहला वर्जन होने पर इसमें अभी ज्यादा एकाउंटिंग फंक्शन नहीं थे। सबसे पहले टैली का नाम ‘Peutronics’ था। जिसके बाद 1988 में इसे टैली नाम दिया। इसके बाद इस सॉफ्टवेयर में कई जरूरी बदलाव किए गए तथा 1999 में इसका नाम Tally Solutions रख दिया गया।

Tally के वर्जन

अब हम जानेंगे कि टैली सॉल्यूशन के कितने Version अब तक चुके हैं। और वर्तमान में कौनसा वर्जन हम उपयोग कर रहे हैं।नए वर्जन आते गए और हर एक वर्जन में कई फंक्शन,फीचर्स जोड़े गए चलिए जानते हैं।

• 1988-1989 ( वर्जन 4.0 ) अकाउंट से संबंधित

• 1989-1990 ( वर्जन 4.5 ) अकाउंट से संबंधित

• 1990-1997 ( वर्जन 4.5 ) अकाउंट के साथ इन्वेंटरी

• 1997-2000 ( वर्जन 5.0 ) अकाउंट के साथ इन्वेंटरी

• 2000-2005 ( वर्जन 5.4 ) अकाउंट के साथ इन्वेंटरी

• 2005-2006 (वर्जन 6.3 ) अकाउंट के साथ इन्वेंटरी,VAT,TDS,Service Taxe.

• 1 सितंबर 2006 ( वर्जन 8.1 ) अकाउंट के साथ इन्वेंटरी,VAT,TDS,Service Taxe,Multilingual.

• 2009 ( वर्जन 9.0 ) अकाउंट के साथ इन्वेंटरी,VAT,TDS,Service Tax,Multilingual,Payroll,Job Casting.

• 12 मार्च 2009 ( ERP9 रिलीज वर्जन 1.0 ) अकाउंट के साथ इन्वेंटरी,VAT,TDS,Service Tax,Multilingual,Payroll,Job Casting,Remote Access,Manufacturing.

इसके बाद से ERP9 के वर्जन को रिलीज किया गया जो इस प्रकार हैं

• 7 जुलाई 2009   Tally ERP9 ( रिलीज 1.3 )

• 15 अगस्त 2009 Tally ERP9 ( रिलीज 1.5 )

• 24 मई 2019      Tally ERP9 ( रिलीज 6.5.2 )

इसके बादटैली सॉल्यूशन कंपनीके द्वारा “Tally Prime” को लॉन्च कर दिया गया। जो Tally ERP9 की तरह ही काम करता है। बस Tally Prime में सॉफ्टवेयर की दिखावट को बढ़िया बनाया गया। बाकी सब फंक्शन Tally ERP9 जैसे ही है। जिनके पास Tally ERP9 का सर्टिफिकेट है। उन्हें कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। वह भी Tally Prime का आसानी से प्रयोग कर सकते हैं।

Tally के लिए क्या Qualification है-

अगर आप टैली कोर्स करना चाहते हैं। तो 10+2 मे 50% अंक होने चाहिए। टैली में आप डिप्लोमा भी कर सकते हैं। और सिर्फ टेली सर्टिफिकेट भी प्राप्त कर सकते हैं। इन दोनों की अवधि अलग अलग है। टेली डिप्लोमा 1 से 2 साल जबकि टैली सर्टिफिकेट को आप दो से चार महीनों में टैली कोर्स करके प्राप्त कर सकते हैं।

बताते चलें कि कॉमर्स स्टूडेंट के लिए टैली सीखना काफी आसान होता है। क्योंकि ऐसे स्टूडेंट्स Business और Accounting के बारे में पहले ही थोड़ा बहुत जान जाते हैं। बाकी अगर आप नॉनकॉमर्स स्टूडेंट है तो सबसे पहले आपको टैली में Financial Accounting सीखनी चाहिए। इससे आपको जल्दी टेली सीखने में मदद मिलेगी।

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Tally कैसे सीखें

आप ऑनलाइन भी Tally सीख सकते हैं। यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म पर आप आसानी से घर बैठे टैली का कोर्स कर सकते हैं। बस इसके लिए आपके पास कंप्यूटर होना जरूरी है। परंतु अगर आप ऑनलाइन इस कोर्स को सीखते हैं। तो आपको इसमें कोई सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं होगा। क्योंकि अगर आप किसी कंपनी में काम करना चाहते हैं। उसमें Tally Certificate के बिना आप ज्वाइन नहीं कर सकते।

इसलिए अगर आप टैली कोर्स करना चाहते हैं। तो अपने शहर गांव में किसी इंस्टिट्यूट/कंप्यूटर सेंटर में टैली सीख सकते हैं।इंस्टिट्यूट/सेंटर में टेली सीखने पर आपको सर्टिफिकेट भी प्राप्त होगा। इसके अलावा आप वहां से इससे जुड़ी और ज्यादा जानकारी पा सकेंगे। सर्टिफिकेट के बिना आप किसी Company या Bank में जॉब नहीं प्राप्त कर सकते।

साथ ही आपको एकाउंटिंग में थोड़ा बहुत ज्ञान होना जरूरी है। अगर आप घर में खर्चे का हिसाब किताब रखते हो। तो आप आसानी से टैली सीख सकते हैं। यह कोई मुश्किल कोर्स नहीं है। अगर आपके पास घर में कंप्यूटर है तो आप आसानी से सेंटर में सिखाया गया काम अपने कंप्यूटर पर करके प्रैक्टिस कर सकते हैं।

Tally में हम क्या सीखते हैं

टैली मे Rules Of Accounting, Basic Accounting, Company Info, Accounting Info, Inventory Info, Ledger Accounting, Vouchers, Inventory Vouchers, Accounting Features, Inventory Features, Statutory And Taxtion

Stock ( Inventory Info ) , Discount, Purchase Order, Stock Journal Voucher, Use Tracking Numbers ( Delivery/Receipt Notes ), Rejection Out, Rejection In, Sales Order, Credit Note Voucher, Actual And Billed, Petty Cash Voucher, Physical Stock.

Price List Bill Material, Point For Sale, Multi Currency:- ( Foreign Currency, Interest Calculation.

• VAT ( Value Added Services )

• TDS ( Tax Deducted At Source )

• GST ( Goods Service Tax )

• TCS ( Tax Collect Of Source )

• Service Tax

• Tally Shortcuts

जैसी तमाम चीजों को टैली कोर्स में सिखाया जाता है। इसका कोर्स 3 महीनों का होता है। परंतु अगर आप टैली को ओर ज्यादा सीखना चाहते हैं तो आप Tally Diploma भी कर सकते हैं।

Tally सीखना क्यों जरूरी है-

Tally एक Accounting Software है। अगर आप इसका सही से प्रयोग करना सीख जाते हैं। तो आपको हर प्रकार की अकाउंटिंग करने में आसानी होगी। आप आसानी से अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हुए बड़ेबड़े हिसाब किताब मिनटों में कर सकते हो। अगर आप टैली कोर्स सीखते हो। तो आप Payment Receipt, Sales, Banking,  Inventory Management, Tax Management जैसे कार्यो में जरूरी डाटा को मैनेज कैसे किया जाता है जैसी चीजें सीखेंगे।

टैली सीखना मुश्किल नहीं है। परंतु भारत में GST ( Goods Service Tax) आने के बाद इसकी लोकप्रियता में और अधिक उछाल आया है।

टैली कोर्स करने के बाद सैलरी कितनी मिलेगी-

टैली कोर्स पूरा कर लेने के बाद आपको शुरुआती सैलरी 10-20 हजार के बीच में मिलती है। बाकी यह आप किस कंपनी या बिजनेस से जुड़ते हैं। उस पर भी निर्भर करता है। वहीं अगर आपका Tally में 4 से 5 साल का अनुभव हो जाता है। तो आपको 30-40 हजार तक सैलरी मिल सकती है।

जिस कंपनी में आप काम करेंगें उसको आपके काम के ऊपर भरोसा और साथ ही आपका अनुभव दोनों को आपकी Company नहीं छोड़ेगी। इसलिए एक ही प्रोफाइल पर अच्छे से काम करने पर आपको हाई सैलरी मिल सकती है।

वहीं आपका अनुभव धीरेधीरे बढ़ता रहेगा। जिससे आपके साथ और क्लाइंट जुड़ते जाएंगे। आप कंपनी में काम करते हुए अलग से भी अपने नए क्लाइंट के अकाउंट संबंधित काम कर सकते हो। जिससे आपको दो तरफ से कमाई होगी। ज्यादातर लोग ऐसे ही कार्य करते हैं। और महीने का 70-80 हजार कमाते हैं।

निष्कर्ष-

आखिर में दोस्तों बहुत से स्टूडेंट्स जो 12वीं के बाद कोई कोर्स करना चाहते हैं। तो आप टैली का चुनाव कर सकते हैं। क्योंकि इंडिया में इसकी बहुत डिमांड है। इंडिया में पहले के मुकाबले अब ज्यादा नए छोटेबड़े बिजनेस शुरू हो रहे हैं। जिसे अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का प्रयोग सबसे ज्यादा बढ़ा है। लगभग इंडिया के हर छोटेबड़े बिजनेस में टैली अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर उपयोग में लाया जाता है। आप इसे सीख कर जल्दी ही जॉब पा सकते हैं।

तो दोस्तों अगर आपको हमारी पोस्ट Tally क्या है के बारे में दी जानकरी पसंद आई। तो हमें नीचे कमेंट करके अवश्य बताएं। इस पोस्ट को अपने मित्रों में अवश्य शेयर करें।

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