IELTS Exam क्या होता है – IELTS Exam से जुड़ी पूरी जानकारी हिंदी में

नमस्कार,दोस्तों आज हम इस पोस्ट में IELTS के बारे में जानेंगे कि IELTS Exam क्या होता है विश्व में 2018 के आंकड़ों के अनुसार हर साल 3.5 मिलियन स्टूडेंट IELTS Exam देते हैं। ज्यादातर स्टूडेंट्स 12वीं परीक्षा पूरी होने के बाद IELTS Exam की तैयारी करने लग जाते हैं।

अपने इस आर्टिकल में हमने IELTS से जुड़ी हर जानकारी को आपके लिए लिखा है। ताकि आप आयल्स एग्जाम के बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त कर सकें। पोस्ट को पूरा पढ़ें ध्यान पूर्वक समझें ताकि कोई भी पॉइंट आपसे ना छूटें।

IELTS Exam क्या होता है?

IELTS Exam क्या होता है

IELTS की फुल फॉर्म ‘International english Language Testing System’ है। IELTS ऐसा सिस्टम है जिसके द्वारा हम यह जान पाते हैं कि बाहर के देशों में रहने और पढ़ने हेतु हमें इंग्लिश भाषा का कितना ज्ञान है। इसके लिए हमें आयल्स एग्जाम देना पड़ता है। जो कि बाहरी देशों के शिक्षण संस्थानों के द्वारा लिया जाता है। BC

(ब्रिटिश काउंसिल) और IDP (इंटरनेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम) दो प्रमुख संस्थान है। जो IELTS Exam कंडक्ट करवाते हैं।

IELTS से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें?

  • IELTS Band Score को 140 देशों के 10,000 कॉलेज,विश्वविद्यालय,शिक्षण संस्थान मंजूर करते हैं।
  • IELTS के 140 देशों में 12,000 टेस्ट सेंटर हैं।
  • हर साल 3 मिलियन से ज़्यादा लोग IELTS Test देते हैं।
  • IELTS TRF की वैधता 2 साल तक होती हैं।
  • IELTS Test की अवधि 2 घंटे 40 मिनट तक होती है।

IELTS Band क्या हैं?

IELTS Exam देने के बाद आपको 1 से 9 तक Band Score दिया जाता है। आयल्स एग्जाम देने के बाद आपके 1 से 9 तक जितने Band आते हैं उस हिसाब से इंग्लिश भाषा मे आपकी पकड़ को जाना जाता है। IELTS बैंड LRWS यानि Listening, Reading, Writing और Speaking मे प्राप्त अच्छे बैंड स्कोर के आधार पर दिए जाते हैं।

हर मॉड्यूल में 40 क्वेश्चन होते हैं। जिन्हें Bands में बदला जाता है। इस प्रकार आपको 1 से 9 Overall Band Score दिया जाता है। आपने जितना ज्यादा Band Score प्राप्त किया होगा। उतनी अच्छी विदेशों की मशहूर यूनिवर्सिटी एवं कॉलेज में आपको एडमिशन मिलेगा।

जैसे कि अगर आपके 7+ Band Score प्राप्त किए हैं। आपको किसी भी देश की टॉप यूनिवर्सिटीज में दाखिला लेने के चांस ज्यादा होंगे। साथ ही कई देशों की एक Band लिमिट होती है कि 6+ Band Score वाला स्टूडेंट या 7+ बैंड स्कोर करने वाला स्टूडेंट ही ऐसे देशों में प्रवेश पा सकता है।

IELTS Band Scale System क्या हैं?

IELTS Exam मे 1 से 9 के बीच में आप बैंड प्राप्त करते हैं तो आप नीचे दिए गए Scale System में यह जान सकते हैं। इंग्लिश भाषामें आपके द्वारा प्राप्त बैंड में आपकी क्या पोजीशन है। IELTS के अनुसार आप इंग्लिश भाषा में कैसे स्टूडेंट है।

The IELTS Band Scale System

  • Band score 9 = expert user
  • band score 8 = very good user
  • band score 7 = good user
  • band Score 6 = competent user
  • band score 5 = modest user
  • band score 4 = limited user
  • band score 3 = extremely limited user
  • band score 2 = intermittent user
  • band score 1 = Did not attempt the test.

IELTS Exam के लिए Qualification?

IELTS Exam देने के लिए आपकी उम्र 16 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। साथ ही आपको IELTS Exam देने से पहले अपना पासपोर्ट बनवा लेना है। आपका पासपोर्ट सभी डॉक्यूमेंट से ज्यादा जरूरी है। ध्यान रहे आप के पासपोर्ट की 6 महीने की वैधता होनी चाहिए। आप 10वीं के बाद भी IELTS Exam दे सकते हैं।

आपने 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कितने भी ज्यादा अंक प्राप्त किए हो। IELTS में अंकों की कोई भूमिका नहीं होती IELTS एक इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट सिस्टम है। जिसमें सिर्फ यह देखा जाता है कि आपकी इंग्लिश भाषा में पकड़ कैसी है।

IELTS Exam की फ़ीस कितनी हैं?

IELTS Exam देने की फीस 14 हजार से 15 हजार तक होती है। और यह कम ज्यादा होती रहती है। वही अगर बात करें आपकी IELTS Coaching की फीस की तो कई सेंटर 5 हजार से 10 हजार तक चार्ज करते हैं। व कई सेंटर इससे ज्यादा पैसे भी लेते हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस सेंटर को अपनी IELTS Coaching लिए चुनते है।

IELTS कितने प्रकार की होती है?

IELTS दो प्रकार की होती है –

1. IELTS Academic

IELTS Academic वे लोग करते हैं। जो बाहरी देशों के टॉप कॉलेज/यूनिवर्सिटी/इंस्टिट्यूट में शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं। अर्थात बाहरी देशों में सिर्फ पढ़ने के लिए जाना चाहते हैं।

2. IELTS general Training

IELTS General Training वे लोग करते हैं। जो विदेश में काम करना चाहते हैं। जनरल आयल्स में लोग विदेशों में काम करते हुए वहीं बस जाते हैं अर्थात वहां की (PR) स्थाई नागरिकता पा लेते हैं।

IELTS Test का पेपर फॉर्मेट क्या है?

IELTS Test के पेपर फॉर्मेट में Listening, Reading, Writing और Speaking होती है। परंतु जैसा कि हमने आपको ऊपर IELTS के दो प्रकार IELTS Academic और IELTS General Training बताएं। इनमें Reading और Writing में अंतर होता है। बाकी Listening व Speaking दोनों प्रकारों में एक जैसी ही होती है।

चलिए अब आपको Listening, Reading, Writing और Speaking के बारे मे पूरी जानकारी देते हैं।

IELTS Listening –

IELTS Exam मे Listening का टेस्ट सबसे पहले लिया जाता है। इसमें आपको Native Speakers की बातचीत को सुनकर पूछे सवालों का जवाब देना होता है। Listening पूरे 40 मिनट की होती है।

जिसमें 30 मिनट Tape Script को सुनने के मिलते हैं और 10 मिनट अपने जवाब को आंसर शीट पर लिखने के मिलते हैं व इसमें 40 क्वेश्चन और 4 सेक्शन होते हैं।

वहीं अगर Listening में दिए जाने वाले Questions Types की बात करें। तो इसमें चार प्रकार के क्वेश्चन आते हैं। जो कि इस प्रकार है-

  • Fill in The Blanks
  • diagram a label
  • mCQ ( Multiple Choice Questions )
  • statement Completion

IELTS Reading –

IELTS Reading पूरे 1 घंटे की होती है और इसमें 40 क्वेश्चंस होते हैं। Academic Reading मे 3 Passage होते हैं व IELTS General Training की रीडिंग में 5 Passage होते हैं। IELTS Reading में पांच प्रकार के क्वेश्चन आते हैं। जो इस प्रकार हैं।

  • Fill in the blanks
  • MCQ ( Multiple Choice Questions )
  • True/False/Not Given Questions
  • Yes/No/Not Given Related Questions
  • Correct Headings Choosing Questions

IELTS Writing –

IELTS Writing भी पूरे 1 घंटे की होती है इसमें 2 Task होते है। IELTS Academic Task 1 में Graph/Diagram/Map आते है। जो की 150-170 Words में पूरे करने होते हैं व Task 2 में Essay होता है। जो की 250-275 Words में पूरा करना होता है।

IELTS General Training की Writing के Task 1 में Letter होता है। जो कि 150-170 Words में करना होता है व Task 2 में Essay होता है। बिल्कुल Academic Writing की तरह जो की 250-275 Words में पूरा करना होता है।

IELTS Speaking –

IELTS Speaking 11 से 14 मिनट की होती है और इसमें तीन सेक्शन होते हैं।

  • Section 1 में Introduction व General Questions पूछे जाते हैं। जैसे कि इसमें आपको अपने बारे में बताने को कहेंगे। वह बेसिक क्वेश्चंस जो आप से जुड़े हो।
  • Section 2 में Cue Card मतलब इसमें आपको एक पेन और एक कार्ड दे दिया जाएगा। फिर आपको 1 मिनट में अपना जवाब उस कार्ड पर लिखना है और 2 मिनट में आपको उसे बोल कर बताना है। जो आपने उस कार्ड पर लिखा होगा।
  • Section 3 में Discussion जो कुछ आपने Cue Card में लिखा है। उससे जुड़े सवालों पर विचार होगा। आप से सवाल पूछे जाएंगे।

IELTS Exam कैसे दिया जाता है?

IDP (इंटरनेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम) या BC (ब्रिटिश काउंसिल) में से किसी में भी रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद आपको आयल्स एग्जाम की तारीख बता दी जाती है।

जिसमें आपको LRW (Listening, Reading, Writing) को एक ही दिन में बिना किसी ब्रेक के दो से ढाई घंटे में इनका टेस्ट लिया जाता है।

IELTS Speaking का टेस्ट LRW (Listening, Reading, Writing) से 7 दिन पहले या इनसे 7 दिन बाद हो सकता है। यह कंफर्म नहीं होता है।7 दिन से कम समय भी लग सकता है।

पूरा टेस्ट कंपलीट होने के बाद पूरे 13 दिन के बाद आपकी TRF (Test Report Form) आती है। जिसमें LRWS (Listening, Reading, Writing, Speaking) आपने कितने Band Score किए हैं। पूरा लेखा–जोखा इसी TRF में होता हैं।

IELTS Certificate की वैधता कब तक होती है?

IELTS Certificate की वैधता 2 साल की होती है। इसे TRF (Test Report Form) कहा जाता है। जिस दिन आपका IELTS Test का परिणाम आता है।उसी दिन से TRF की वैधता (Validity) शुरू हो जाती है।

IELTS Exam में बैंड न आने पर क्या करें?

IELTS Exam में अच्छे बैंड स्कोर प्राप्त नहीं कर पाने पर आप दोबारा से एग्जाम दे सकते हैं। परंतु अगला IELTS Exam देने के लिए आपको 2 महीने इंतजार करना होगा। इतने समय में आप जमकर प्रैक्टिस करें देखा जाए तो आप इंग्लिश बोलना 10वीं और 12वीं में ही सीखे होंगे।

IELTS Coaching Center में आपको IELTS Paper Format बता दिया जाता है। और उसका निरंतर अभ्यास करवाया जाता है। इसलिए एक बार पेपर फॉर्मेट जान लेने के बाद थोड़े समय रुक कर अभ्यास करें।

इसके बाद दोबारा IELTS Exam Ragistration करवाएं। इससे आपके कोचिंग सेंटर के पैसे बच सकते हैं। और आप अपना अच्छा Band Score प्राप्त कर सकते हैं।

Ielts कितने प्रकार की होती है?

IELTS दो प्रकार की होती है- 1. ielts Academic 2. Ielts General Training

Ielts में PR क्या होता है?

PR की फ़ुल फ़ॉर्म ‘Permanent Resident’ होती है। कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यू.के या यू.एस.ए जैसे देशों में ielts कर व उस देश में रहते हुए अपनी पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद आप वहाँ की स्थायी नागरिकता पा सकते है। जिसे PR मिलना कहते है।

Ielts की फ़ुल फ़ॉर्म क्या है?

Ielts का फ़ुल फ़ॉर्म ‘International english Language Testing System’ हैं।

TRF क्या होती है?

TRF का पूरा मतलब ‘Test Report Form’ होता है। आयल्स एग्ज़ाम देने के बाद स्टूडेंट ने कितने बैंड स्कोर किए है। वह सब Ielts TRF में होता है। जिसकी वैधता 2 वर्ष तक होती है।

Student visa क्या है?

Visa के चार प्रकारों में से student Visa एक है। इसके तहत विदेशों में पढ़ने की इच्छा रखने वाले स्टूडेंट्स यह वीज़ा IELTS या PTE लैंगवेज टेस्ट में 6 से ज़्यादा बैंड स्कोर करने पर पा सकते है। यह वीज़ा स्टूडेंट के तौर पर आप विदेश में रहने की अनुमति देता है।

निष्कर्ष –

आखिर में,दोस्तों IELTS बहुत से युवाओं का सपना होता है कि वह भी विदेश में पढ़ सके या वहां अच्छी जॉब कर सके। भारत में से ज्यादातर लोग कनाडा,ऑस्ट्रेलिया,यू.के,संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों में पढ़ने जाते हैं। वहां काम भी करते हैं। अगर आप भी विदेश जाना चाहते हैं। तो IELTS Exam सबसे अच्छा ऑप्शन है। जो आपको विदेशों में लीगल तरीके से पढ़ाई करने और जॉब करने की अनुमति देता है।

हमें आशा है कि इस पोस्ट में हमने आपको IELTS Exam से जुड़ी हर जानकारी दी। अगर आपको हमारी पोस्ट IELTS Exam क्या होता है अच्छी लगी तो हमें कमेंट में अवश्य बताएं व इस पोस्ट को अपने मित्रों में अवश्य शेयर करें।

मेरा नाम Abhishek है। इस ब्लॉग का संस्थापक और लेखक हूं। मै Yoabby.com पर सभी आर्टिकल को हिंदी भाषा में लिखता हूं। मुझे लिखने का बहुत पहले से ही शौक था। ब्लॉगिंग के द्वारा मैं अपने शौक को भी पूरा कर रहा हूं। और साथ ही YoAbby.com पर आए लोगों को टेक्नोलॉजी के बारे में हिंदी भाषा में आर्टिकल उपलब्ध करवा रहा हूं।

Leave a Comment