Artificial Intelligence या कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्या है और कैसे काम करता है?

नमस्कार दोस्तों, आज के हमारे इस लेख का विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है। जो कि कंप्यूटर साइंस से संबंधित है। तो वहीं AI इंटरनेट पर सबसे चर्चित विषय भी है। इसे हिंदी में “कृत्रिम बुद्धिमता” कहा जाता है।

वर्ष 2000 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्टार्टअप्स में 14 गुना ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। जिससे हम अंदाजा लगा सकते हैं कि AI का विकास कितनी तेजी से हो रहा है। तो वहीं कई कार्यों में इसकी डिमांड भी बहुत बड़ी है।

Artificial Intelligence (AI) का उपयोग मशीनों में किया जाता है। जिससे मशीनें खुद-ब-खुद कार्य को सोचकर-समझकर इंसानों वाले काम बिना थके कर सकती है। इससे आने वाले कुछ ही वर्षों में बड़ी कंपनीयों के द्वारा AI आधारित मशीनों को कार्य करने हेतु उपयोग में लाया जाएगा।

Venture Capital के द्वारा वर्ष 2000 से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में निवेश 6 गुना बड़ा है। यानी कंपनियों की तरफ से इसमें भारी निवेश किया जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बहुत से लोगों का मानना है कि AI का तेजी से विकास और इसका हर कार्य में ज्यादा उपयोग इंसानों के लिए खतरनाक है।

हालांकि इसके बाद दो ऐसी घटनाएं सामने आई। जिसने विशेषज्ञों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कार्य क्षमता के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया।

Hanson Robotics के CEO “डॉ डेविड हैनसन” ने उनकी अपनी ही कंपनी के द्वारा बनाए एक Humanoid Robot जिसका नाम ‘सोफिया‘ है। जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) पर आधारित है।

इंसानों की तरह सोचने समझने सीखने की क्षमता इस रोबोट में है। जब सोफिया से पूछा गया कि “Do you want to destroy humans” हिंदी अनुवाद ‘क्या आप मानव को नष्ट करना चाहते हैं?’ तो सोफिया का जवाब था ” Ok i will destroy human” हिंदी अनुवाद “ठीक है मैं मानव को नष्ट कर दूंगी”

दूसरी घटना विश्व की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फ़ेसबुक के द्वारा उनकी AI Research की टीम ने दो ChatBot को डेवलप किया। जिनका नाम Bob और Alice था। Facebook AI Research टीम के एक डेवलपर ने इन दोनों Chatbots को एक-दूसरे से बात कराने का आइडिया आया।

जिसमें इन दोनों ने एक दूसरे से बात करना शुरू किया। तो यह अपनी अलग ही भाषा में बात करने लगे। AI की वजह से इनकी क्षमता में इतना तेजी से विकास हुआ। कि इन्होंने अपनी ही भाषा बना ली। जिसे इंजीनियर के द्वारा पढ़ा नहीं जा सका। जिसकी वजह से तुरंत Chatbots को Shut-down कर दिया गया।

विश्व की बड़ी कंपनियां चाहे वह गूगल, एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, या फिर स्मार्टफोन कंपनियां यह अपनी सर्विस और डिवाइस में AI का उपयोग कर रही है।

गूगल पर जो कुछ भी हम सर्च करते हैं। उसका परिणाम हमें मिलीसेकंड में मिल जाता है। तो वही गूगल की ज्यादातर सेवाएं जो स्मार्टफोन में ग्राहकों की सुविधा हेतु उपलब्ध कराई जाती है। इनमें भी मशीन लर्निंग (ML) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का (AI) उपयोग होता है। जैसे: गूगल मैप्स, SEO (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन), गूगल असिस्टेंट, Apple Siri.

तो चलिए दोस्तों आपका ओर ज्यादा समय न लेते हुए हम Artificial Intelligence (AI) क्या है? इसके प्रकार, अनुप्रयोग, शाखाएं, यह क्या क्या कर सकता है?, उदाहरण, चुनौतियां, भविष्य, फायदे और नुकसान से संबंधित तमाम जानकारियां इस आर्टिकल में आगे पड़ेंगे।

आपसे प्रार्थना है कि इस आर्टिकल को अंत तक पड़े। हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि यह एक आर्टिकल AI से जुड़े आपके सभी सवालों का जवाब आपको दे देगा।

विषय सूची :-

Artificial Intelligence (AI) क्या है?

Artificial Intelligence या कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्या है?
Artificial Intelligence या कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्या है?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हिंदी भाषा में ‘कृत्रिम बुद्धिमता’ कहा जाता है। इसकी शार्ट फॉर्म AI है। यह कंप्यूटर साइंस का ही भाग है।जिसमें इंजिनियर्स के द्वारा मशीनों में ऐसी प्रोग्रामिंग की जाती है। जिससे उन्हें जो भी कार्य करने के लिए दिया जाता है। वह उसे इंसानों की तरह खुद सीखकर-समझकर सोचकर कार्य करती हैं। Artificial intelligence स्व्यं अपनी गलतियों को सही कर सकती है।

AI की विभिन्न शाखाएं होती है। जैसे मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, रोबोटिक्स और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) जिसमें इन्हें जितना डाटा सिस्टम के जरिए मिलता जाएगा। वह उतनी ही ज्यादा और जल्दी विकसित होती जाती है।

AI का सबसे बेहतरीन उदाहरण: गूगल का अपनी सर्विस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करना है। जैसे कभी गूगल हिंदी भाषा को पूरी तरह से समझने में असमर्थ था। परंतु AI के उपयोग से लोगों के द्वारा गूगल सर्च इंजन में पूछे गए सवाल और वेबसाइट पर डाले गए कंटेंट यूट्यूब वीडियोस से प्राप्त डाटा से Google AI बहुत ही कम समय में हिंदी भाषा को तेजी से समझनें में सफल हुआ है।

ऐसे ही बहुत से कार्य उद्योगों में मशीनों के द्वारा कार्य करवाए जा रहे हैं। क्योंकि इन मशीनों को जो कार्य प्रोग्रामिंग सेट करके दिया जाता है। वह यह बिना थके और बिना गलती के और बहुत तेज़ी से करती हैं। जिससे इसका उपयोग तेजी से पूरे विश्व में धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

AI से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य (AI Facts in Hindi)

  1. SpaceX कंपनी के मालिक Elon Musk का कहना है कि वर्ष 2025 तक AI मनुष्य से भी ज्यादा स्मार्ट हो जाएगी।
  2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्ष 2025 तक 75 मिलियन नौकरियों को खत्म कर देगा।
  3. विश्व की पहली AI Robot का नाम “सोफिया” है। जिसे सऊदी अरब ने नागरिकता दी है।
  4. विश्व में सबसे ज्यादा AI Bots है वह ‘फीमेल’ है।
  5. AI Startups में पिछले 2 वर्षों में 14 गुना ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।
  6. विश्व की 67 प्रतिशत आईटी कंपनीयां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी का उपयोग करती है।
  7. जाने-माने कॉस्मोलॉजिस्ट “स्टीफन हॉकिंग” का AI के बारे में कहना है। कि रोबोट भविष्य में इंसानों पर राज करेंगे।
  8. Elon Musk का कहना है कि अगर AI के तेजी से विकास को ना रोका गया तो यह इंसानों के लिए खतरा होगा।
  9. Bina 48 जो कि फीमेल रोबोट है। जिसे स्वतंत्र रूप से सोचने-समझने और बोलने की आजादी इंजीनियर के द्वारा दी गई है। Bina का कहना था कि अगर मुझे न्यूक्लियर हथियारों का एक्सेस मिल जाए। तो मैं इंसानों को खत्म कर दूंगी।
  10. विश्व की 76 प्रतिशत कंपनीया अपने कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से संतुष्ट हैं।

Artificial Intelligence का इतिहास :

Artificial Intelligence दो शब्दों से मिलकर बना है:- पहला “Artificial” जिसका हिंदी अर्थ “कृतिम यानी मानव द्वारा बनाया हुआ” दूसरा “Intelligence” जिसका हिंदी अर्थ “बुद्धि यानी समझने सीखने और सोचने की क्षमता

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बनाने के पहले विचार से लेकर वर्तमान में AI का कितना तेजी से विकास हो रहा है और हुआ है। उससे संबंधित AI के इतिहास के बारे में जानेंगे।

क्यूँकि हमें यह पता होना चाहिए कि यह टेक्नोलॉजी कहां से विकसित होती हुई आई है। हमने AI के इतिहास को वर्ष 1942 से लेकर वर्ष 2017 तक बताया है। जिसे आप आसानी से चीजों को तरीक़े समझ सकेंगे।

  1. वर्ष 1942 यानी विश्व युद्ध में गुप्त संदेश भेजने वाली Enigma Machine को Alan Turing के द्वारा बनाई गई AI Machine के द्वारा उसके संदेशों को Decode किया।
  2. वर्ष 1943 में Warren McCulloch और Walter Pits ने पहला AI Neurons मॉडल प्रस्तुत किया। इसमें जिस प्रकार हमारा दिमाग न्यूरॉन्स की मदद से चीजों को सोच-समझकर सीख सकता है। ठीक इसी प्रकार AI Neurons को मशीनों में उपयोग करने का मॉडल प्रस्तुत किया गया। जिससे मशीन भी खुद सोच समझकर कार्य कर सकें।
  3. वर्ष 1950 में कंप्यूटर साइंटिस्ट Alan Turing के द्वारा Turing Test बनाया गया। इस टेस्ट को यह पता करने के लिए बनाया गया था कि क्या मशीन इंसानों की तरह सोच सकती है या नहीं।
  4. वर्ष 1955 में कंप्यूटर साइंटिस्ट John McCarthy के द्वारा AI यानी ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ का नाम रखा गया। इन्हें ‘Father of AI’ भी कहा जाता है। क्योंकि इनके द्वारा बुद्धिमता मशीन को बनाने के पीछे के विज्ञान और इंजीनियरिंग को परिभाषित किया गया था।
  5. वर्ष 1961 में विश्व के पहले औद्योगिक रोबोट को बनाया गया। जिसका नाम “Unimate” था। जिसे कार बनाने वाली कंपनी में लगाया गया।
  6. वर्ष 1964 में अमेरिकन कंप्यूटर साइंटिस्ट Joseph Weizenbaum के द्वारा Eliza नामक Chatbot को बनाया गया।
  7. वर्ष 1969 में विश्व का पहला ऐसा मोबाइल रोबोट बनाया गया था। जो अपने द्वारा किए कार्यों के बारे में खुद से तर्क-विचार करने में सक्षम था। जिसका नाम Shakey था।
  8. वर्ष 1997 में IBM Deep Blue नामक शतरंज गेम खेलने वाले रोबोट ने विश्व प्रसिद्ध शतरंज खिलाड़ी Garry Kasparov को हराया।
  9. वर्ष 1998 में विश्व का सबसे पहला ऐसा रोबोट बनाया गया था। जो इंसानों की भावनाओं पर प्रतिक्रिया दे सकता था। जिसका नाम Kismet था।
  10. वर्ष 2002 में अमेरिकन कंपनी iRobot के द्वारा Roomba नामक Robotic Vaccum Cleaner बनाया। जो घर की साफ-सफाई कर सकता था।
  11. वर्ष 2011 में एप्पल कंपनी के द्वारा iPhone में SIRI नाम की Virtual Asistent को बनाया गया।
  12. वर्ष 2011 में IBM Watson Supercomputer जो AI पर आधारित है। जिसने उस समय के सबसे पॉपुलर Quiz टीवी शो Jeopardy $1M डॉलर इनामी राशि जीती।
  13. वर्ष 2014 में Amazon कंपनी के द्वारा वर्चुअल असिस्टेंट Alexa को लॉन्च किया गया। जो कई भाषाओं में जवाब दे सकती है और कई टास्क पूरे कर सकती है।
  14. वर्ष 2016 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने एक Chatbot को ट्विटर पर लांच किया। जिसका नाम Tay था। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित है।
  15. वर्ष 2017 में Google AI जिसका नाम AlphaGo है। विश्व के प्रसिद्ध शतरंज खिलाड़ी को Ke Jie को तीन बार हराया। परंतु चौथा मैच Ke Jie ने जीता। जिससे वह विश्व के पहले ऐसे खिलाड़ी बने जिसने AI Robot को हराया।

AI कैसे काम करता है?

जैसे कि आप जानते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी की मशीनों से बुद्धिमता देना। उनसे ठीक उसी प्रकार कार्य करवाना। जिस तरह एक मानव मस्तिष्क कार्य करता है। मानव मस्तिष्क जितना ज्यादा किसी काम को लेकर अनुभव और जानकारी प्राप्त करता है। ठीक उतना ही हम उस कार्य को बेहतर ढंग से कर पाते हैं।

मानव मस्तिष्क की तरह ही मशीन को कार्य करने हेतु AI में मुख्य चार प्रकार की प्रक्रिया बार-बार नया डाटा मिलने पर दोहराई जाती हैं। जिसे Machine AI पहले से हर बार बेहतर होती जाती है।

Artificial intelligence के कार्य करने की यह चार प्रक्रिया इस प्रकार है।

1. Learning

लर्निंग यानी सीखना। मशीन में ऐसे एल्गोरिदम सेट किए जाते हैं। जिससे वह नई जानकारी के मिलने पर अपने आप सीखती रहे। नये डेटा का अध्ययन बार-बार करती रहे। जैसे अगर मशीन किसी नई जानकारी के मिलने पर उसके पैटर्न को समझ नहीं पाती तो प्रोग्रामिंग के जरिए वह पुराने डाटा पैटर्न के साथ नई जानकारी मिलाती है।

हर तरह की जानकारी को अपने मेमोरी में स्टोर करती है या कंप्यूटर पर प्रदर्शित करती है। सीखना AI में मशीनों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। इसलिए इन्हें इसी तरह से बनाया जाता है कि यह खुद बखुद सीखते रहे।

2. Reasoning

रीजनिंग यानी तर्क विचार करना। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जिस भी सिस्टम में कार्य करता है। उसमें मशीन को प्राप्त जानकारी के मुताबिक नए परिणाम और संभावनाएं बताने के लिए एल्गोरिदम लिखे जाते हैं।

उदाहरण: गूगल सर्च इंजन पर हम किसी विषय पर चीजें खोजते हैं। तो हमें उस विषय से मिलते-जुलते अलग-अलग परिणाम भी दिखते हैं। यहां पर Google Artificial intelligence यूजर की पहली खोज के हिसाब से वह संभव परिणाम दिखाती है। जिस पर यूजर की जरूर क्लिक करने की संभांवना ज़्यादा होती है यहां पर AI में रिजनिंग अपनी अहम भूमिका निभाती है।

3. Problem Solving

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में समस्या को हल करने के लिए एल्गोरिदम उपयोग में लाए जाते हैं। AI की मदद से कई जटिल समस्याओं को हल किया गया है। जैसे: Tower Of Hanoi, Sudoku, Chess, Water-Jug समस्या।

दरअसल इसमें Artificial Intelligence के द्वारा किसी भी समस्या को हल करने के लिए एक प्रक्रिया उपयोग में लाई जाती है। जो कि इस प्रकार है।

  • समस्या को परिभाषित करना
  • समस्या का विश्लेषण करना
  • समस्या के समाधान को खोजना।
  • सही समाधान चुनना
  • समस्या को हल करना

AI Technique के जरिए किसी भी तरह की समस्या को हल किया जा सकता है। जिस वजह से AI का उपयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है और बड़ी से बड़ी कंपनियां इसका उपयोग अपनी सर्विस में कर रही है।

4. Perception

इस प्रक्रिया में मशीन में लगे सेंसर AI को समझने में मदद करते हैं कि आप उसे क्या परिणाम दिखाने हैं। मशीन में कई तरह के सेंसर का उपयोग होता है। उदाहरण जैसे: गूगल हमारे मोबाइल में लगे विभिन्न सेंसर के जरिए हमें मौसम संबंधी, नेविगेशन संबंधी जानकारी देता है। AI सेंसर्स से प्राप्त डेटा को जाँचती है और उचित परिणाम दिखाने में इनका उपयोग करती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रकार (Types of Artificial Intelligence in Hindi)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में अक्सर बताया गया है कि यह भविष्य में हमारे लिए बेहद खतरनाक साबित होगा। तो क्या ऐसा सही में है? तो इसका जवाब है जी नहीं। परंतु वैज्ञानिकों के द्वारा अगर जानबूझकर ऐसे AI Robots या Machines बनाए जाएं। जिन्हें उन्हें वह पूरी आज़ादी दी जाये जो इंसानों को होती है। यानी उन्हें पूर्ण रूप से अपना खुद का नियंत्रण दें। तो यह खतरनाक हो सकता है।

वह कौन से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है। जिसका उपयोग मशीन में किया जाए कि वह खुद सोच समझ कर कार्य करें पूर्ण रूप से पूरा नियंत्रण उन्हीं मशीन के पास हो जाए। यह AI के प्रकार पर निर्भर करता है कि हम किस कार्य के लिए किस AI के प्रकार का उपयोग करेंगे।

Artificial Intelligence को मुख्यतः दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। जिनके आगे अलग-अलग प्रकार है। जो निम्नलिखित है:

क्षमता के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

AI का यह प्रकार इसकी क्षमता को दर्शाता है कि Artificial Intelligence को किन कार्यों को करने हेतु प्रोग्राम किया जा सकता है। क्षमता के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तीन प्रकार होते है:

  1. Narrow AI (संकुचित AI)
  2. General AI (हर कार्य करने हेतु उपयोग)
  3. Super AI (सुपर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)

1. Narrow AI (संकुचित एआई)

Narrow AI को Weak AI भी कहते हैं। दरअसल ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सिर्फ किसी एक ही विशेष कार्य के लिए बनाया जाता है। आज पूरे विश्व में इसी AI का उपयोग सभी कार्यों में किया गया है। चाहे वह Google AI, Self Driving Cars, Chatbots इत्यादि हो। क्योंकि इन्हें सिर्फ एक ही उद्देश्य पूर्ति हेतु बनाया जाता है। यह एक ही तरह का डाटा प्रोसेस करती है। जो भी इनसे टास्क करवाया जाता है वह सिर्फ़ वही टास्क पूरा करती है।

2. General AI (हर कार्य करने हेतु उपयोग)

General AI को Strong AI भी कहा जाता है। इसमें मशीन ह्यूमन की तरह सोच-समझकर सभी कार्य कर सकती है और स्वय निर्णय भी ले सकती है। हालांकि बता दें कि General AI को पूर्ण रूप से किसी भी मशीनि या रोबोट में प्रोग्राम नहीं किया गया है। इसका कारण है कि इंटरनेट पर हर जानकारी मोजूद है।

अगर मशीन को पूरी तरह से इंटरनेट पर से डाटा मिल गया तो वह नॉलेज के मामले में इंसानों से भी ज्यादा तेजी से निर्णय लेगी। इसलिए General AI को ही इंसानों के लिए खतरनाक माना गया है। जापान में ऐसे रोबोट तैयार किए जा रहे हैं। जो कुछ हद तक General AI पर आधारित होंगे।

3. Super AI (सुपर AI)

Super AI की कुछ हद तक तुलना General AI के साथ कर सकते हैं। परंतु सुपर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानों की बुद्धि से भी ज्यादा तेज होगा। मशीन नया सिस्टम मिली जानकारी के अनुसार इंसानों की तरह संज्ञात्मक गुणों (Cognitive Properties) का इस्तेमाल करेगा। जिसमें समझना, पहचानना, सोचना, कारण पता लगाना, समस्या हल करना, निर्णय लेना, सीखना और खुद से बात करके कार्य को अमल में लाना। जैसे गुण मशीनों में होंगे।

हालाँकि Super AI अभी कल्पना पर आधारित है। क्योंकि शोधकर्ता अभी General AI पर ही शोध कर रहे हैं। जिसमें वह Artificial Intelligence की विभिन्न शाखाओं का उपयोग कर रहे हैं। Super AI की अवधारणा पूरे विश्व के लिए नया बदलाव लेकर आएगी।

कार्य क्षमता के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Based on Capabilities Artificial Intelligence in Hindi)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कार्य क्षमता के आधार पर अब हम इसके प्रकारों के बारे में जानते हैं। दरअसल इस श्रेणी में AI किस कार्य को कर सकता है। उसके कार्य करने की क्षमता को परिभाषित किया है।

  1. Reactive Machine (प्रतिक्रियाशील मशीन)
  2. Limited Memory (सीमित मेमोरी)
  3. Theory of Mind (मस्तिष्क का सिद्धांत)
  4. Self-Awareness (स्वय जागरूक)

1. Reactive Machine (प्रतिक्रियाशील मशीन)

Reactive Machine आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बेसिक प्रकार है। ऐसे मशीन किसी भी डाटा को अपनी मेमोरी में स्टोर नहीं करती। इसमें किसी भी कार्य को कमांड देने के लिए एल्गोरिदम गणना लिखी जाती है। साथ ही इस तरह की Artificial Intelligence पिछले प्राप्त डेटा का उपयोग नहीं करती। बल्कि उसी समय व्यक्ति के द्वारा पूछे सवाल या दिए गए कार्य पर ही निर्णय लेती है।

उदाहरण: IBM Deep Blue Machine यह एक शतरंज खेल में माहिर मशीन है। जिसने 1997 में विश्व के मशहूर खिलाड़ी Garry Kasparov को हराया था।

2. Limited Memory (सीमित मेमोरी)

Limited Memory मशीन एक सीमित समय तक डाटा और बहुत कम डाटा स्टोर करती है। जैसे कि वॉइस असिस्टेंट में एप्पल सिरी, गूगल असिस्टेंट इनसे जो भी सवाल हम पूछते हैं। वह एक सीमित समय तक डाटा अपने पास रखती हैं और फिर उसे मिटा देती है। साथ ही Self Driving Cars भी लिमिटेड मेमोरी मशीन का सबसे बढ़िया उदाहरण है।

3. Theory of Mind (मस्तिष्क का सिद्धांत)

Theory of Mind AI यानी मशीन ह्यूमन की तरह भावनाओं को समझ पाएगी, हावभाव को समझ पाएगी। जिससे AI समझ सके कि इंसान क्या अनुभव कर रहा है और उसे क्या प्रतिक्रिया देनी है। हालांकि अभी तक ऐसी कोई मशीन तैयार नहीं की गई है। जो इंसान की भावनाओं को समझ सके।

4. Self-Awareness AI (स्वय जागरूक)

ऐसी AI Machine ह्यूमन की भावनाओं को समझ ही नहीं बल्कि उनकी खुद की भी भावनाएं होगी। इंसानों से ज्यादा समझदार होगी। इन AI मशीन को Robotics में प्रोग्राम किया जाएगा। जिससे वह इंसानी बर्ताव को समझ सके और Self-Awareness AI ही रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य है। हालांकि अभी तक ऐसी कोई मशीन बनाई नहीं गई है।

Sophia Humanoid Robot खुद से सोच समझकर चेहरे के हावभाव नहीं दिखाती. बल्कि वह हर बात का जवाब दे सकती है।जो मशीन लर्निंग पर आधारित है। वह Self-Awareness AI नहीं है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग (Application of Artificial Intelligence in Hindi)

जैसे कि हम जान चुके हैं कि Artificial Intelligence मशीनों को सोचने-समझने की क्षमता देता है। जिससे वह हर कार्य बेहतरीन ढंग से कर पाती हैं। इंसानों की तुलना में यह मशीनें कभी थकती नहीं और ज्यादा काम करती है। जिसके कारण लगभग हर क्षेत्र में इसका उपयोग बढ़ गया है। विश्व की लगभग हर बड़ी कंपनी अपने कार्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन के द्वारा करवा रही है। जिससे इन कंपनीयों को बेहद फायदा मिल रहा है। तो वही इंसानों की मौजूदगी कंपनियों में धीरे-धीरे कम होती जा रही है।

अब हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग के बारे में जानेंगे। कि आखिर किन उद्योगों और कंपनियां AI का उपयोग अपने ग्राहकों को सर्विस देने में कर रही है। AI के अनुप्रयोग इस प्रकार है:

  1. Healthcare (स्वास्थ्य-देखभाल)
  2. Banking (बैंक व्यवसाय)
  3. Heavy Industries (भारी उधोग)
  4. Telecommunication (दूरसंचार)
  5. Music (संगीत)
  6. Robotics (रोबोटिक्स व मशीन)
  7. Gaming (गेमिंग)
  8. Self-Driving Cars (ख़ुद से चलने वाले वाहन)

1. Healthcare (स्वास्थ्य-देखभाल)

हेल्थ केयर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग अभी बहुत कम है। परंतु कैंसर जैसे खतरनाक रोगों का पता लगाने के लिए AI की शाखा जिसमें मशीन लर्निंग नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और डीप लर्निंग के जरिए शोधकर्ता AI के जरिये ऐसे रोगों पर शोध कर रहे हैं। तो वही हॉस्पिटल के कई कार्यों में Artificial Intelligence का भरपूर इस्तेमाल किया गया है।

ऐसी मशीन का उपयोग रोगी के इलाज में किया जा रहा है। जो रोगी के स्वास्थ्य की पल-पल की जानकारी डॉक्टर को देती रहती है। और रोगी के स्वास्थ्य से संबंधित पूरा डाटा मशीन स्क्रीन पर देखता रहता है। भविष्य में शोधकर्ताओं के द्वारा ऐसे रोबोट बनाने पर विचार है। जिससे डॉक्टर दूसरी जगह से रोगी का इलाज AI के जरिए कर सकेंगे।

2. Banking (बैंक व्यवसाय)

बैंकिंग और फाइनेंस जैसे क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सबसे ज्यादा है। कोविड-19 के बाद तकरीबन विश्व के सभी बैंक ऑनलाइन हो चुके हैं। नेट बैंकिंग, ऑनलाइन लेनदेन, एटीएम से पैसे निकालना और एक बड़ी जनसंख्या के खातों को मैनेज करने का सारा काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा ही संभव हो पाया है। तो वही Phonepe, Googlepay, UPI के जरिए लोग अपने स्मार्टफोन के माध्यम से लेनदेन कर रहे हैं। लेनदेन की पूरी प्रक्रिया को AI के द्वारा ही संभाला जाता है।

3. Heavy Industries (भारी उधोग)

भारी उद्योग जैसे: Aerospace, Mining, Machine tool Building, Oil And Gas. जिनमें बड़ी-बड़ी मशीनों के द्वारा वह कार्य किए जाते हैं। जिसमें ज्यादा लोगों की आवश्यकता व साथ ही शारीरिक परिश्रम लगता है। इनमें भी ज्यादातर चीजों का नियंत्रण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के पास ही होता है।

AI खुद पूरी प्रक्रिया को भली-भांति संभालती है। जैसे कार या मोटरसाइकिल बनाने वाले उद्योग में वाहनों पर पेंट करने से लेकर पार्ट्स को जोड़ने तक सभी कार्य मशीनें खुद करती है। जो कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा ही संभव होता है।

4. Telecommunication (दूरसंचार)

टेलीकम्युनिकेशन यानि दूरसंचार जिसमें Internet, Wi-FI, Satellite, Radio, Television शामिल होते हैं। आपने अक्सर सिम प्रोवाइडर के कस्टमर केयर पर कॉल अवश्य किया होगा। ठीक ऐसे ही हजारों कॉल्स या शिकायतें दूरसंचार के हर क्षेत्र में आती रहती है। ज्यादा संख्या में कॉल आने पर उन कॉल्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वॉइस असिस्टेंट के द्वारा संभाला जाता है।

तो वही आपके मोबाइल नंबर बताने पर AI आपसे संबंधित पल भर में कस्टमर केयर के सामने कंप्यूटर स्क्रीन पर आपकी समस्या दिखा देती है। जिससे Artificial Intelligence की मदद से हर फील्ड में समस्याओं का समाधान और पता लगाना आसान हो गया है।

5. Music (संगीत)

म्यूजिक यानी संगीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को यूजर के हिसाब से प्रोग्राम किया जाता है। जैसे कि कई पॉपुलर म्यूजिक एप्स जिसमें Spotify, Youtube Music, Wynk Music इन म्यूजिक ऐप्स में गानों को इस तरह से Recommend किया जाता है। जिससे यूजर लंबे समय तक म्यूजिक ऐप का उपयोग करता रहे।

यह सब चीजें AI के द्वारा ही मुमकिन होती है। तो वही अलग-अलग गानों की Playlist खुद ही क्रिएट होती जाती है। जो यूजर्स के इंटरेस्ट के हिसाब से प्रदर्शित होती है। साथ ही Artificial Intelligence का उपयोग संगीत बनाने में भी किया जाता है।

6. Robotics (रोबोटिक्स व मशीन)

Robotics ज्यादातर लोगों का मानना है कि Robotics में ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग होता है। जी हां Robot भी एक मशीन ही है। जो AI की मदद से खुद सोच-समझ सकती है। Robot कई प्रकार के होते हैं।जिसमें उद्योगों से लेकर बिल्कुल इंसानों की तरह चलने वाले AI Robots शामिल है।

Robotics वह क्षेत्र है। जो सिर्फ रोबोटिक्स मशीन को संदर्भित करता है। जिसमें AI का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है। रोबोटिक्स पूरी तरह से Artificial Intelligence पर ही आधारित होते हैं। जैसे Sophia Humanoid Robot और Bina 48 यह दोनों फीमेल रोबोट है।

7. Gaming (गेमिंग)

गेमिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग प्लेयर को कंप्यूटर के साथ गेम खेलने में किया जाता है। Ludo King गेम में जब हमारे पास कोई मित्र साथ खेलने के लिए नहीं होता। तो हम लूडो किंग गेम में कंप्यूटर के साथ मैच लगाते हैं। जिससे वह हमारे द्वारा चली चाल का जवाब अपनी इंटेलिजेंस के द्वारा देता है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही होता है।

जो अपनी मशीन लर्निंग शाखा का उपयोग कर पहले से बेहतर होता चला जाता है। जिसे कई बार प्लेयर को इसे हराना मुश्किल हो जाता है। बाकी कई और गेम्स में AI का उपयोग होता है।

8. Self-Driving Cars (ख़ुद से चलने वाले वाहन)

Self-Driving Cars पूरे विश्व में सबसे चर्चित विषय है। विश्व की मशहूर कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Tesla के द्वारा Self-driving फीचर दिया गया है। जिसमें मशीन लर्निंग एल्गोरिथम का उपयोग कर कार में लगे अलग-अलग सेंसर और कैमरा से कार के आसपास की जानकारी इकट्ठा की जाती है। जिसे मशीन लर्निंग हर चीज को समझती और सीखती है। जिसके कारण बिना कार स्टेरिंग को छुए कार अपने आप ही AI के द्वारा चलती है।

बता दें कि मशीन लर्निंग ही Artificial Intelligence की एकमात्र ऐसी शाखा है। जो हर समय डाटा प्रोसेस करती है। जिसे सेल्फ ड्राइविंग कार्स में जब आप कार ड्राइव करते हैं। तब भी यह सेंसर और कैमरा की मदद से कार की गति और आसपास की चीजें रिकॉर्ड करती है। जब आप कार को Self-Driving Mode में बदलते हो। तब वह प्राप्त डाटा के अनुसार आसपास की चीजों को समझकर कार चलाती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रमुख शाखाएं (Branches of Artificial Intelligence in Hindi)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रमुख शाखाएं
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रमुख शाखाएं

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की विभिन्न शाखाएं होती है। यह हम कह सकते हैं कि AI के कई भाग होते हैं। जो Artificial Intelligence को पूर्ण रूप देते हैं। नीचे वह सभी AI की शाखाओं के नाम दिए गए हैं। जिनका उपयोग हर क्षेत्र में किया गया है।

एक संपूर्ण AI Machine इन सभी शाखाओं के उपयोग से बनती है। साथ ही बता दें कि अगर इनमें से किसी भी शाखा का उपयोग किसी भी कार्य या उद्योग में किया जाता है। तो Artificial Intelligence ही कहलाएगा। चलिए इसके बारे में पूरी जानकारी जानते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शाखाएं इस प्रकार है:

  1. Machine Learning
  2. Natural Language Processing
  3. Deep Learning
  4. Expert Systems
  5. Robotics
  6. Machine Vision
  7. Speech Recognition

1. Machine Learning

Artificial Intelligence (AI) की शाखाओं में मशीन लर्निंग का सबसे पहला स्थान है। जैसे कि हमें नाम से ही पता चलता है:- “मशीन लर्निंग” यानी कि इसमें मशीन को एल्गोरिदम के द्वारा ऐसी क्षमता दी जाती है। जिससे वह खुद चीजों को समझ और सीख सके। इसमें जितना ज्यादा डाटा मशीन लर्निंग में उपयोग होगा। यह इतनी जल्दी चीजों को सीखेगी।

2. Natural Language Processing

नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग के जरिए मशीन ह्यूमन लैंग्वेज को समझती है। इसके बिना कंप्यूटर हमारे द्वारा पूछे सवाल का जवाब नहीं दे सकता। आज गूगल वॉइस असिस्टेंट, एप्पल कंपनी की Siri Voice Assistant इसका उदाहरण है। जिनसे हम जो भी जानकारी यह सवाल पूछते हैं। वह Text या Speech फॉर्म में हमें जवाब देती है।

3. Deep Learning

डीप लर्निंग यानी गहरा अध्ययन जैसे कि इंसानी दिमाग करता है। हमारे दिमाग में मौजूद न्यूरॉन के द्वारा एक सेल से दूसरे सेल तक जानकारी भेजने की प्रक्रिया के जैसे डीप लर्निंग के द्वारा मशीन में डाटा प्रोसेस किया जाता है। डीप लर्निंग में डाटा की लेयर होती है। इसमें न्यूरॉन होते हैं। जो डाटा को प्रोसेस करते हैं। जिसे Deep Neural Network कहते हैं। Deep Learning AI का उपयोग Self-Driving Cars, Speech Recognition, Image Recognition में किया जाता है।

4. Expert Systems

एक्सपर्ट सिस्टम का सीधा मतलब नॉलेज स्टोर करना और अनुमान लगाना है। इसमें ह्यूमन एक्सपर्ट के द्वारा एक Knowledge Base तैयार किया जाता है। जिसमें किसी भी तरह की जानकारी स्टोर रह सकती है। जब यूजर सवाल पूछता है तो जानकारी Knowledge Base में से ली जाती है और उचित परिणाम Expert System AI दिखाती है।

इसका सबसे अच्छा उदाहरण हमारे स्मार्टफोन में Word Type करते वक्त अगर Spelling Error हो जाता है तो स्मार्टफोन में मौजूद Expert System AI हमें Correct Spelling के साथ-साथ कुछ नए अनुमानित Word दिखाती है। यहां पर ही Expert System AI का उपयोग होता है।

5. Robotics

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में Robotics सबसे ज्यादा उपयोग शाखा है। जिसने आज के समय में सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। इसमें Robots को बनाया जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कई शाखाओं का उपयोग इसमें किया जाता है। जिससे एक मशीन में इंसान की तरह सोचने-समझने और निर्णय लेने और प्राप्त जानकारी से सीखने जैसी क्षमता विकसित होती है।

6. Machine Vision

Machine Vision में मशीन को क्षमता दी जाती है। कि वह इंसानों की तरह किसी वस्तु या चीज को पहचान सके। मशीन विजन एल्गोरिदम की वजह से रोबोट से या मशीन किसी वीडियो, इमेज को समझ पाते हैं कि यह किसकी फोटो या वीडियो है।

7. Speech Recognition

Speech Recognition यानी कि जो कुछ भी हम मशीन से अपनी आवाज में पूछे। वह उसे Text में लिखे और हमारे द्वारा बोली किसी बात को समझ सके। इसमें मशीन को हर भाषा को समझने हेतु डिजाइन किया जाता है। इसका सबसे बढ़िया उदाहरण ‘Hey Siri’ और ‘Ok Google’ जैसे वॉइस असिस्टेंट है। इनसे बोलकर हम सवाल करते हैं तो यह हमारी बात को समझ कर परिणाम दिखाई देती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उदाहरण (Examples of Artificial Intelligence in Hindi)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग हम लगभग हर कार्य में कर रहे हैं। चाहे वह स्मार्टफोन में किसी एप्स के जरिए वीडियो कॉल या चैट करना हो या फिर किसी उद्योग में मशीन का उपयोग करना।

तकरीबन सभी बड़ी कंपनियां लोगों को बेहतरीन सुविधा देने के लिए AI का उपयोग कर रही है। ताकि कार्य जल्दी हो सटीकता से हो और ज्यादा मात्रा में डाटा प्रोसेस हो।यह कंपनियां अलग-अलग क्षेत्रों से हो सकती है।

आइए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण जानते हैं। यह वह उदाहरण है। जिनका उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में कर रहे हैं।

  1. गूगल सर्च
  2. मैप्स और नेविगेशन
  3. सोशल मीडिया
  4. चैटबॉट
  5. चेहरा पहचानना
  6. स्मार्ट असिस्टेंट (Siri, Google, Alexa)
  7. इलेक्ट्रिक स्मार्ट कारें (Tesla)
  8. ऑनलाइन एडवरटाइजमेंट
  9. स्ट्रीमिंग सर्विस (Netflix, Amazon Prime)
  10. ड्रोन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे लिए क्यों जरूरी है?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जटिल से जटिल प्रक्रिया को बेहद आसानी से और बहुत कम समय में हल कर देता है।

साथ ही AI में मशीनें मशीन लर्निंग इंटेलिजेंस के जरिए काम को समझती है। व्हाट्सएप जैसी मैसेजिंग एप पर बिज़नेस को Text-Based Chatbots और Voice-Based Chatbots के जरिए मैनेज किया जा रहा है। जिसमें यह चैटबोट अपनी इंटेलिजेंस की मदद से ग्राहकों की समस्या का समाधान करते हैं। साथ ही शॉपिंग साइट्स AI Chatbot का उपयोग अलग-अलग कार्य में कर रही है। जिसमें लोगों से Chatbot Text के जरिए बात करते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा किसी भी डाटा को गहराई से समझा जाता है। जिसमें AI Neural Network का उपयोग करता है। जिसे “डीप लर्निंग” भी कहते हैं। AI किसी भी डाटा को जाँचनें में कोई गलती नहीं करती।इसलिए बड़े बिजनेस ज्यादातर कार्य मशीन के द्वारा ही करते हैं। डेटा की सुरक्षा से लेकर गणना तक AI करती है।

Artificial Intelligence को जितना ज्यादा डाटा मिलता है। वह उसे बहुत ही कम समय में जाँच लेता है और गूगल सर्च इंजन AI के उपयोग से अलग-अलग देशों की भाषाओं को बहुत ही कम समय में समझ चुका है। साथ ही गूगल की सभी सर्विस जैसे: Youtube, Google Search, Maps, Gmail में AI ही सभी कार्य मैनेज करती है।

आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के बिना हमे यह सभी सुविधाये मिलना मुश्किल था। AI के द्वारा हम आने वाले कुछ ही वर्षों में सभी कार्य मशीनों के द्वारा कर पाएंगे। कम समय में ज्यादा काम Machines बिना थके करती है। AI Startups में 3 गुना ज्यादा वृद्धि हुई है। साथ ही किसी इंसान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। परंतु मशीन भरोसेमंद होती है।

अब आप समझ चुके होंगे कि आम आदमी से लेकर बड़े उद्योग, कंपनियों तक Artificial Intelligence सभी के लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि कंपनियां ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए ही काम करती है। जिसका फायदा दोनों को होता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चुनौतियां (Challenges of Artificial Intelligence in Hindi)

किसी भी नई तकनीक को पूरी तरह से अपनाने से पहले इसके तमाम पहलुओं को जानना और समझना पड़ता है। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक को लोगों को अपनाने से पहले AI को तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

हालांकि Artificial Intelligence के द्वारा पूरे विश्व में नया बदलाव आएगा। जो फ्यूचर टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देगा। परंतु हर नई तकनीक के सामने तमाम चुनौतियां होती हैं। जिन्हें उन्हें समय के साथ पूरा करना होता है।

ठीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सामने भी कई चुनौतियां हैं। जो इस प्रकार है:

1. विश्वसनीय

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कुछ ऐसी शाखाएं है। जिस पर लोगों और बड़े उद्योगों को भरोसा नहीं है। जैसे कि Robotics आने वाले कुछ ही वर्षों में शोधकर्ताओं का मानना है कि Robots के द्वारा सभी कार्य आसानी से जल्दी होंगे। परंतु कई लोगों का मानना है कि AI आने वाले कुछ वर्षों में उनकी जॉब्स की जगह लेगा। जिससे लोगों को Artificial Intelligence पर विश्वास नहीं की यह उनके लिए फायदेमंद होगा।

2. बिज़नेस में इंसानों की जगह AI

Artificial Intelligence की बढ़ती लोकप्रियता और इसके कार्य करने की तेज प्रक्रिया के चलते विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में यह ज्यादातर बिजनेस प्रोफेशनल की छुट्टी कर देगा। साथ ही ऐसी समस्याएं भी पैदा होंगी कि उद्योगों में ऐसे Professionals की कमी भी देखी जाएगी जो AI को पूर्ण रूप से समझते हो

3. AI में निवेश

वर्ष 2000 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने विकास में रफ्तार पकड़ी है। जिसमें अब तक इसके स्टार्टअप्स में 14 गुना बढ़ोतरी हुई है। साथ ही निवेशकों का यह भी मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक महंगी तकनीक है।इसीलिए कई बिजनेस अभी इसमें पैसा नहीं लगा रही है।बड़ी टेक कंपनियां जो बड़ी मात्रा में डाटा मैनेज करती है।सिर्फ वही AI पर निवेश कर रही है। जिसमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, IBM जैसी कंपनियां शामिल है।

4. बहुत ज्यादा उम्मीदें

लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं। खासकर Sophia Humanoid Robot को देखकर जिसका हर सवाल का जवाब देना लोगों को और टेक्नोलॉजी कंपनियों को एआई की तरफ आकर्षित करता है। कि वाकई में AI के द्वारा बदलाव संभव है।

परंतु बहुत कम ही लोग इसके काम करने के तरीके के बारे में जानते हैं। साथ ही हर कोई AI को समझ नहीं सकता। लोगों का मानना है कि AI से सिर्फ Robots ही बनाई जा रही है। जो आने वाले वर्षों में इंसानों पर अपना स्वामित्व दिखायेगीं। परंतु ऐसा कुछ नहीं है।

Artificial Intelligence क्या क्या कर सकता है?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ऐसी बुद्धिमता होती है। जो इंसानों से भी बेहतर हर कार्य को कर सकती है। नीचे हमने वह तमाम पॉइंट बताएं हैं। जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कर सकता है।

  • अनुभव से सीखना
  • अनुभव से प्राप्त ज्ञान को लागू करना
  • जटिल समस्याओं को संभालना
  • समस्या को हल करना
  • नईं स्थिति में जल्दी और सही ढंग से प्रतिक्रिया देना
  • विजुअल इमेज को समझना
  • रचनात्मक और कल्पनाशील कार्य करना
  • सोच-समझकर निर्णय लेना
  • इंसानों की तरह हर नजरिए से सोच सकना
  • बिना थके और तेजी से काम करना

Artificial Intelligence और Machine Learning में क्या अंतर है?

आइए अब जानते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग में अंतर निम्नलिखित है:

संख्या न:आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसमशीन लर्निंग
1.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक कंप्यूटर सिस्टम है जो मशीनों को इंसानों की तरह सोच समझने की योग्यता यानी इंटेलिजेंस देता है।मशीन लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही भाग है। जिसका काम मशीनों से प्राप्त डेटा का अध्ययन करना और कार्य करने के तरीकों को सीखना है।
2.क्षमता के आधार पर AI के तीन प्रकार होते है- 1. Narrow 2. General AI 3. Super AIमशीन लर्निंग को AI के तहत काम करने के लिए तीन भागों में बांटा गया है- 1. Supervised Learning 2. Unsupervised Learning 3. Reinforcement Learning
3.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में कार्य को जल्दी और सफलतापूर्वक करने की तरफ विशेष ध्यान है।मशीन लर्निंग में प्राप्त डाटा के पैटर्न को सटीकता से अध्ययन करना शामिल है।
4.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन को ह्यूमन की तरह बर्ताव करने की क्षमता देता है।मशीन लर्निंग मशीन को इंसानों की तरह व्यवहार और कार्य करने हेतु उपयोग AI का हिस्सा है।
5.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता रखता है।मशीन लर्निंग जटिल समस्याओं को हर बार हल करने के तरीकों को समझता है। जिससे इसकी सटीकता बढ़ती जाती है।
6.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग: Siri, Chatbots, Humanoid Robots: Sophiaमशीन लर्निंग के अनुप्रयोग: Search Algorithm, Facebook Auto Tag Friend Tagging, Self Driving Cars.

AI में कौन सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज उपयोग की जाती है?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डेवलपमेंट में कई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग होता है। हर कंप्यूटर प्रोग्राम को बनाने के लिए Programming Language का उपयोग होता ही है। ठीक इसी प्रकार AI (Artificial Intelligence) में भी इनका उपयोग है। AI Development में उपयोग प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के नाम इस प्रकार है:

  • Python
  • R Programming
  • Lisp
  • Java
  • C++
  • Prolog

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित मूवीज़ के नाम:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को और ज्यादा बेहतर तरीके से जानने के लिए आपको AI पर बनी मूवीज़ देखनी चाहिए। जिसमें हम देख सकते है की किस प्रकार AI से बनी रोबोट और मशीन इंसानों की तरह हर कार्य कर सकती है। यह मूवीस काफी मजेदार और AI को अच्छे से जानने के लिहाज़ से बेहद इनफॉर्मेटिव है।

टॉप 10 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित मूवीज़ के नाम इस प्रकार है:

  1. EX Machina
  2. 2001: A Space Odyssey
  3. Metropolis (1927)
  4. Her
  5. Wall-E
  6. Iron Man (All Parts)
  7. Avengers: Age Of Ultrons (2015)
  8. Ready Player One (2018)
  9. Terminator
  10. The Metrix

AI के बारे में विश्व के मशहूर लोगो की राय:

जैसा कि सभी जानते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सभी उद्योगों के कार्य करने के तरीकों में और साथ ही हमारे जीवन में भी नए बदलाव लेकर आने वाला है। वर्तमान में भी हम Artificial Intelligence का उपयोग अपने दैनिक जीवन में कर रहे हैं। आइए जानते हैं विश्व के उन मशहूर लोगों का इसके बारे में क्या कहना है। जिन्होंने हर क्षेत्र में सफलता के कदम छुए हैं। आइए जानते हैं।

  1. कार कंपनी Tesla और स्पेस एजेंसी SpaceX कंपनी के मालिक Elon Musk का कहना है कि हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर चिंता करने की जरूरत है। यह हमारे लिए खतरनाक हो सकता है।
  2. विंडो कंपनी Microsoft के मालिक Bill Gates का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने हमारे हर काम को आसान बनाया है। परंतु अगर हम इसे सही तरह से उपयोग करें। इस पर नियंत्रण रखें। तो यह हमारे लिए सकारात्मक होगा। हालांकि AI के विकास के कुछ वर्षों बाद यह हमारे लिए चिंता का विषय बन सकती है।
  3. ब्लैक होल और Big Bang Theory को समझाने वाले कॉस्मोलॉजी Stephen Hawking का AI के बारे में कहना है कि आने वाले कुछ ही वर्षों में यह इंसानों की जगह ले लेगी।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीनों के विनाश का कारण बनेगी।

Top 5 AI Humanoid Robots कौन-से है?

कंप्यूटर साइंटिस्ट के द्वारा रोबोटिक्स क्षेत्र में कई ऐसे रोबोट से बनाए जा चुके हैं। जो पूरी तरह से इंसानों की तरह दिखते हैं। साथ ही हर सवाल का जवाब बोलकर देते हैं। इनमें कई प्रकार के सेंसर, कैमरा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम का उपयोग किया गया है। विश्व के Top 5 Artificial Intelligence Humanoid Robots के नाम इस प्रकार है:

  1. Nadine
  2. Sophia
  3. Erica
  4. Junko Chihira
  5. Jia Jia
  6. Rashmi

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य क्या है? (Future of Artificial Intelligence in Hindi)

वर्ष 2030 तक विश्व अर्थव्यवस्था में AI का योगदान $15.7 ट्रिलियन होगा। तो वही जो देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग अपने हर कार्य, उद्योग, कंपनियों में सबसे ज्यादा कर रहा है। वह देश China है।

साथ ही विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2030 तक आते-आते 38% अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों की नौकरियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बदल दी जाएंगी। इसका कारण यही है कि मशीनों की इंटेलिजेंस आने वाले कुछ ही वर्षों में और ज्यादा बढ़ेगी। हर काम मशीनों के लिए समय के साथ-साथ आसान हो जाएगा।

वहीं अगर बिजनेस में AI के उपयोग की बात करें। Chatbot और AI ने बिजनेस के $8 बिलियन की बचत की है और इस साल यह $20 बिलियन होने का अनुमान है।

एक सर्वे के मुताबिक b2b मार्केटिंग से सवाल पूछे गए कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व्यवसाय में क्रांति लेकर आएगा। इसमें 19% मार्केटर सहमत है तो वहीं 60% का जवाब हां के साथ थोड़ी नाराजगी भी थी। क्योंकि AI बहुत से लोगों के पैसे तो बनाएगा पर नौकरियों पर भी खतरा होगा।

आने वाले कुछ ही वर्षों में तकरीबन सभी लोग सेल्फ ड्राइविंग कार्स की तरफ शिफ्ट होंगे। जिसमें एआई का ही उपयोग है। तो वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई गंभीर बीमारियों का पता लगाने के लिए एआई का उपयोग किया जाएगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्या फायदे है? (Artificial Intelligence Advantage in Hindi)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के फायदे इस प्रकार हैं:

  1. AI मशीन निर्णय एल्गोरिदम की सहायता से लेती है। जिसे इंसानों के मुकाबले मशीनें में कोई गलती नहीं करती।
  2. बहुत ही कम समय में सही निर्णय लेने में सक्षम।
  3. AI मशीन कभी भी नहीं थकती 24×7 काम करती है। तो वही इंसान हर समय काम नहीं कर सकते।
  4. जटिल समस्याओं को हल करने में सक्षम।
  5. डाटा को गहराई से जांच करना और खुद सही निर्णय लेने में सक्षम।
  6. AI के कारण Robots बनाना। जो इंसानों के काम को आसान बनाते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्या नुक़सान है? (Artificial Intelligence Disadvantage in Hindi)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नुकसान इस प्रकार हैं:

  1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस महँगी तकनीक है।
  2. इंसान मशीनों पर निर्भर होंगे
  3. 24×7 मशीनों के काम करने की वजह से लोगों की जॉब पर खतरा।
  4. मशीन लिखे गए एल्गोरिदम के हिसाब से कार्य करती है। जिससे वह इंसानों की तरह क्रिएटिव माइंड नहीं लगा सकती।
  5. मशीनों में इंसानों की तरह भावनाये नहीं होती।
  6. AI के आने से रोजगारी बढ़ेगी।

Artificial Intelligence के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-जवाब (FAQ)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आविष्कार किसने किया?

वर्ष 1955 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम कंप्यूटर साइंटिस्ट “जॉन मैकार्थी” के द्वारा रखा गया। जॉन ने AI के विकास में अहम योगदान दिया है। इसलिए इन्हें “Father of AI” भी कहा जाता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कितने प्रकार होते हैं?

क्षमता के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तीन प्रकार होते हैं- 1.Narrow AI 2.General AI 3.Super AI

कार्य क्षमता के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कितने प्रकार होते हैं?

कार्य क्षमता के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के 4 प्रकार होते हैं- 1.Reactive Memory 2.Limited Memory 3.Theory of Mind 4.Self-Awareness AI

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रमुख शाखाएं कौन सी है?

AI की प्रमुख शाखाएं इस प्रकार है- 1.मशीन लर्निंग 2.नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग 3.डीप लर्निंग 4.एक्सपर्ट सिस्टम्स 5.रोबोटिक्स

विश्व के Top 5 Humanoid Robot के नाम बतायें?

विश्व के Top 5 Humanoid Robot के नाम इस प्रकार है- 1.Nadine 2.Sophia 3.Erica 4.Junko Chihira 5.JiaJia 6.Rashmi

निष्कर्ष-

आखिर में दोस्तों अब आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में पूरी जानकारी जान चुके हैं। बता दें कि आज पूरे विश्व में सिर्फ एआई को लेकर इस बात की चर्चा है कि यह भविष्य में हमारे सामने कई समस्याएं खड़ी कर देगा। जिसमें इसका ह्यूमंस से ज्यादा इंटेलिजेंस होना ही इसकी सबसे बड़ी कमजोरी होगी।

क्योंकि लोगों का मानना है कि यह एक दिन अपनी इंटेलिजेंस की बदौलत इंसानों पर राज करेगा। परंतु यह सब कुछ इंसानों के हाथ में ही है और AI से बने रोबोट्स हमारे द्वारा लिखे एल्गोरिदम के ही हिसाब से कार्य करेंगे। हालांकि Artificial Intelligence के बारे में यह जरूर कहा जा सकता है कि यह बड़ी संख्या में हमारी नौकरियों को खत्म कर देगा। जिसका कारण आपको पता ही है।

परंतु यह भी सच है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण आज हमें जो सुविधाएं मिल रही है। वह एआई के बिना हमें नहीं मिल सकती थी। भविष्य में इसका और भी ज्यादा विकास होगा। साथ ही तकनीकी क्षेत्रों में भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंजीनियर के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे।

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मेरा नाम Abhishek है। इस ब्लॉग का संस्थापक और लेखक हूं। मै Yoabby.com पर सभी आर्टिकल को हिंदी भाषा में लिखता हूं। मुझे लिखने का बहुत पहले से ही शौक था। ब्लॉगिंग के द्वारा मैं अपने शौक को भी पूरा कर रहा हूं। और साथ ही YoAbby.com पर आए लोगों को टेक्नोलॉजी के बारे में हिंदी भाषा में आर्टिकल उपलब्ध करवा रहा हूं।

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