Educational Technology क्या हैं?, विशेषताएं, महत्व एवं क्षेत्र हिंदी में

हैलो दोस्तों,इस आर्टिकल में हम Educational Technology (शैक्षिक प्रौद्योगिकी) के बारे में जानेंगे। कि आखिर Educational Technology क्या हैं? शिक्षा के क्षेत्र में आज टेक्नोलॉजी का क्या महत्व है। शैक्षिक प्रौद्योगिकी में आज इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर शिक्षा को रुचिपूर्ण और सरल बना रहे हैं।

टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर हर विषय से संबंधित जानकारी हम आसानी से इंटरनेट के द्वारा Youtube, Blogs, E-Learning Platforms से प्राप्त कर सकते हैं। वही समय के साथ-साथ ऑफलाइन कक्षाओं में डिजिटल वाइटबोर्ड, Projectors का प्रयोग विद्यार्थियों की रुचि शिक्षा के प्रति बढ़ा रहे हैं।

एजुकेशनल टेक्नोलॉजी की शिक्षा क्षेत्र में सबसे अहम भूमिका है। इसके प्रयोग से विद्यार्थी और शिक्षक दोनों का ज्ञान व रुचि बढ़ते हैं। साथ ही समय की बचत भी होती है।

E-Learning में Byju’s, Unacademy, Khan Academy, Brainly जैसे प्लेटफार्म शैक्षिक प्रौद्योगिकी में शामिल है। जिसमें टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग कर हर विद्यार्थी की रूचि शिक्षा में बढ़ाई है।

साथ ही एक शिक्षक के लिए Educational Technology किस प्रकार उपयोगी है। शैक्षिक प्रौद्योगिकी में किन चीजों का उपयोग कर वह विद्यार्थी के लिए शिक्षा को रुचिपूर्ण बना सकता है। जैसी तमाम बातों को जानेंगे।

तो चलिए अब एजुकेशनल टेक्नोलॉजी क्या है टेक्नॉलजी का शिक्षा क्षेत्र में महत्व, लाभ व नुकसान, प्रकार जैसी तमाम जानकारी को इस आर्टिकल के माध्यम से ज़ानेग़ें।

विषय सूची :-

Technology क्या है?

टेक्नोलॉजी एक प्रगतिशील क्षेत्र है। आज के समय में इसके बिना सभी कार्य अधूरे हैं। आसान भाषा में Technology का मतलब: जो हमारे कार्य को जल्दी आसान सुविधा पूर्ण बना दें। जैसे कि इंटरनेट पर हम हर चीज से जुड़ी जानकारी जान सकते हैं। कंप्यूटर की मदद से अपने कार्य आसानी से जल्दी कर सकते हैं।

हर कार्य में टेक्नोलॉजी का उपयोग है। समय के साथ-साथ टेक्नोलॉजी हर दिन आज से बेहतर होती जाएगी। इसकी हमारे जीवन में अहम भूमिका है। जो हमारे दैनिक कार्यों को आसान बना देती है।

Educational Technology क्या हैं?

Educational Technology kya hai
Educational Technology क्या हैं?

Educational Technology (शैक्षिक प्रौद्योगिकी) का मतलब शिक्षक अपने पढ़ाने के ढंग को प्रभावी, रुचि पूर्ण, आसान बनाने के लिए शैक्षिक और वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग करते हैं। उस तकनीक को ‘Educational Technology’ कहा जाता है।

शिक्षा को तकनीक के जरिए हर विद्यार्थी तक पहुंचा सकते हैं। जिसमें इंटरनेट, कंप्यूटर, शिक्षण मशीन, टेलीविजन जैसे संसाधनों का उपयोग किया जाता है। वही पहले के समय के मुकाबले आज के समय की कक्षाओं में Digital Technology का प्रयोग किया जाता है।

जिसे हर विद्यार्थी शिक्षक के माध्यम से अपने हर विषय से संबंधित सवालों के जवाब बेझिझक पूछ सकता है। एजुकेशनल टेक्नोलॉजी से शिक्षक और विद्यार्थी दोनों को सुविधा मिलती है।

Educational Technology के कितने प्रकार होते है?

एजुकेशनल टेक्नोलॉजी को अमेरिकन साइकोलॉजिस्ट “Arthur Allen Lumsdaine” ने तीन भागों में बांटा था। यह मीडिया के उपयोगों और शिक्षा अध्ययन में रिसर्चर थे। चलिए Educational Technology के तीन प्रकार के बारे में जानते हैं।

1. Hardware Approach (हार्डवेयर दृष्टिकोण)

शैक्षिक प्रौद्योगिकी में Hardware को पहला स्थान दिया है। इसमें शिक्षा देने में उपयोग होने वाले सहायक उपकरणों पर जोर दिया गया है। इसे ‘मशीन टेक्नोलॉजी’ भी कहा जाता है। साथ ही शिक्षा में टेक्नोलॉजी (Technology In Education) से भी प्रयुक्त किया जाता है।

Hardware Educational Technology में प्रोजेक्टर, डिजिटल वाइट बोर्ड, स्लाइड प्रोजेक्टर, टी.वी और मॉनिटर, कंप्यूटर, केलकुलेटर, प्रिंटिंग मशीन जैसे सहायक उपकरण शामिल है। जिन्हें हाथ से छुआ जाता है।

2. Software Approach (सॉफ्टवेयर दृष्टिकोण)

जिस प्रकार हार्डवेयर दृष्टिकोण में मशीन का उपयोग होता है। उसी प्रकार Software Approach सीखने और सिखाने के सिद्धांतों पर आधारित है। यानी कि विद्यार्थी के दिमागी विकास के लिए शिक्षक किन मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों ( विध्यार्थी के मन की बात जानना) का प्रयोग करते हैं।

जिससे विद्यार्थियों में आवश्यक परिवर्तन आ सकता है। इन्हें शैक्षिक प्रौद्योगिकी में सॉफ्टवेयर दृष्टिकोण में जोड़ा जाता है। इसे शिक्षा की तकनीक (Technology of Education) भी कहा जाता है।

संख्याHardware ApproachSoftware Approach
1.ComputerComputer Program
2.slide ProjectorSlides
3.VCR and monitorvideo program
4.blank pagewriting

3. System Approach (प्रणाली दृष्टिकोण)

System Approach में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों शैक्षिक प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर एक पूरी प्रणाली को संभालना है। जिसमें शिक्षण (Teaching) में उपयोग होने वाले सभी संसाधनों का उपयोग करना है।

जैसे कि हार्डवेयर दृष्टिकोण में कक्षा में Projector, Chalk, digital whiteboard का प्रयोग करना और सॉफ्टवेयर दृष्टिकोण में Videos, Slides, Computer Program, charts आदि का प्रयोग एक प्रणाली हेतु करना। इसे ही ‘Educational Technology’ कहते हैं। जिसमें सुव्यवस्थित ढंग से हर सिस्टम को मैनेज किया जाता है। जो हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों प्रकारों को मिलकर बनती है।

शैक्षिक प्रौद्योगिकी की विशेषताएं- Features of Educational Technology

  1. शैक्षिक प्रौद्योगिकी में वैज्ञानिक नॉलेज का उपयोग होता है।
  2. शैक्षिक प्रौद्योगिकी समय के साथ निरंतर बेहतर होती रहती है।
  3. शैक्षिक प्रौद्योगिकी से विद्यार्थी और शिक्षक के व्यवहार में परिवर्तन संभव है।
  4. शैक्षिक प्रौद्योगिकी में हर तकनीक का प्रयोग होता है-जैसे विज्ञान,कला,ऑडियो-वीजुअल मेटेरियल,मनोविज्ञान मशीनी प्रयोग आदि।
  5. शैक्षिक प्रौद्योगिकी से टीचिंग प्रक्रिया को आसान,स्पष्ट व रुचिपूर्ण बनाया जाता है।
  6. विद्यार्थियों को इससे पाठ्यक्रम रुचि पूर्ण लगते हैं। साथ ही शिक्षक बेहद आसानी से तकनीक का प्रयोग कर पढ़ा सकता है।
  7. शैक्षिक प्रौद्योगिकी से परीक्षा के परिणाम को जल्दी जांच लिया जाता है।
  8. शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक के प्रयोग से समय की बचत होती है।
  9. लर्निंग को अलग-अलग तरीकों से प्रभावशाली बनाया जाता है।
  10. शैक्षिक प्रौद्योगिकी से प्रबंधन और नियंत्रण कार्य आसान हो जाते हैं जैसे कक्षा प्रबंधन,स्कूल प्रबंधन आदि।

शिक्षा में टेक्नोलॉजी का क्या महत्व है? – Importance of Technology in Education

  1. विभिन्न प्रकार के शिक्षण संस्थानों तक पहुंच होती है।
  2. ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं।
  3. दिव्यांग छात्रों के लिए उपयोगी।
  4. शिक्षण और सीखने के तरीकों को प्रभावशाली बनाना।
  5. उन्नत जानकारी और समाधान में अहम भूमिका।
  6. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना।
  7. शिक्षा में टेक्नोलॉजी के उपयोग से नौकरियां पैदा होना।
  8. स्मार्ट वर्क को बढ़ावा देती है।
  9. समय की बचत व मेहनत कम करती है।
  10. शिक्षण संबंधी हर कार्य के प्रबंधन में उपयोगी।
  11. देश विदेश के छात्रों कहीं से भी शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं।

शिक्षा में टेक्नोलॉजी का उपयोग- Use Of Technology in Education

शिक्षा में टेक्नोलॉजी का उपयोग करने से काफी सुधार शिक्षा प्रणाली में हुए हैं। हर टॉपिक के बारे में हम गूगल पर जान सकते हैं। वहीं डिजिटल क्लासरूम में कैमरा, प्रोजेक्टर बड़ी स्क्रीन का प्रयोग कर अध्यापक सरलता से विद्यार्थी को शिक्षा देते हैं।

टेक्नोलॉजी के उपयोग से शिक्षा कभी बाधित नहीं होगी। जिस प्रकार कोरोना महामारी में सभी विद्यार्थी अपने स्मार्टफोन पर वीडियो कॉल के माध्यम से अपने स्कूल/कॉलेज के अध्यापकों के संपर्क में रहे। जिससे ऐसे समय में भी विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर सके।

Technology के उपयोग से ऐसे विद्यार्थी भी मुफ्त में शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। जो स्कूल नहीं जा पाते हो या जिनके पास पैसों की कमी हो। हालांकि उनके पास पर्याप्त संसाधन जैसे Smartphone, Internet होना चाहिए।

बड़े-बड़े Institute अपने Courses को यूट्यूब और खुद के E-Learning plateforms के जरिए पढ़ा रहे हैं। जो कि शिक्षा में टेक्नोलॉजी के उपयोग से ही संभव हो पाया है।

आने वाले वर्षों में शिक्षा को बेहद सरलता से और रुचि पूर्ण तरीके से हर विद्यार्थी को पढ़ाया जा सकेगा। इसमें धीरे-धीरे कई बदलाव हो रहे हैं। Digital India के तहत हर क्षेत्र को टेक्नोलॉजी युक्त किया जा रहा है। जिसका हर कोई फायदा उठा सकेगा।

शिक्षा में टेक्नोलॉजी के उपयोग से कागज का कम प्रयोग होगा। धीरे-धीरे इसमें बदलाव होगा असाइनमेंट को pdf, Charts, Slides के द्वारा बनाया जा रहा है। वहीं ऐसे उपकरण भी मार्केट में उपलब्ध है। जिसकी सहायता से आपको किसी कॉपी रजिस्टर की जरूरत नहीं पडेगी।

शैक्षिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र- Scope of Educational Technology

शैक्षिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र का मतलब यानी कि टेक्नोलॉजी किन क्षेत्रों में किस तरह से कार्य करती है। आइए इसके क्षेत्र के बारे में जानते हैं।

  1. शिक्षण अधिगम प्रक्रियाओं का अध्ययन व विश्लेषण।
  2. शिक्षण उद्देश्य का निर्धारण।
  3. पाठ्यक्रम निर्माण।
  4. शिक्षण अधिगम सामग्री निर्वाण एवं विकास।
  5. शिक्षण अधिगम युक्तियों का निर्माण, विकास एवं उपयोग।
  6. अध्यापक प्रशिक्षण में उपयोग।
  7. शिक्षण मूल्यांकन द्वारा उचित नियंत्रण।
  8. शिक्षा की उप-प्रणालियों का प्रभावपूर्ण उपयोग।
  9. हार्डवेयर उपकरण व जनसंचार के माध्यमों का चयन व उपयोग।
  10. सामान्य व्यवस्था प्रशिक्षण और अनुदेशन।

शैक्षिक प्रौद्योगिकी के रूप- Forms of Educational Technology

Forms of Educational Technology in hindi

शैक्षिक प्रौद्योगिकी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच बातचीत विश्लेषण की विधि है। जिसमें शिक्षण प्रक्रिया के तरीकों में उचित बदलाव व सुधार लाया जाता है। जिससे विद्यार्थी के व्यवहार में परिवर्तन हो। जैसी शिक्षा हम विद्यार्थी को देना चाहते हैं। वैसे शिक्षा विद्यार्थी Educational Technology से ग्रहण कर सके।

विषय वस्तु की प्रकृति के आधार पर शैक्षिक प्रौद्योगिकी के चार प्रकार हैं।

1. शिक्षण तकनीकी (Teaching Technology)

शिक्षण तकनीकी में शिक्षक अपने शिक्षण को प्रभावशाली सरल व सुगम का बनाता है। जिसे अध्यापक अपने विश्व को आसानी से विद्यार्थियों को समझा सके।

तकनीक की सहायता से शिक्षण तकनीकी को रुचिपूर्ण, रोचक बनाया जा सकता है। आज के विज्ञान और तकनीक की खोजों का प्रयोग कर शिक्षण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाना है। तो शिक्षण तकनीकी को आगे बढ़ाना होगा।

शिक्षण तकनीकी की विशेषताएं:

  1. शिक्षण तकनीकी के माध्यम से ज्ञानात्मक, प्रभावात्मक पक्षों का अध्ययन किया जाता है।
  2. शिक्षण तकनीकी कक्षा व्यवहार की निरीक्षण, व्याख्या, मूल्यांकन एवं सुधार के लिए उपयोगी है।
  3. शिक्षण प्रक्रिया को उन्नतशील बनाने के लिए तकनीक के माध्यम से दार्शनिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक तरीकों का उपयोग किया जाता है।
  4. शिक्षण तकनीकी शिक्षक को उचित शिक्षण विधियों, नीतियों एवं युक्तियों को अपनाने के लिए प्रेरित करती है।

डेविस तथा रॉबर्ट ग्लेसर के द्वारा विभाजित शिक्षण तकनीकी की विषय वस्तु:

  1. शिक्षण का नियोजन
  2. शिक्षण की व्यवस्था
  3. शिक्षण का मार्गदर्शन
  4. शिक्षण का नियंत्रण

2. अनुदेशन तकनीकी (Instructional Technology)

अनुदेशन का अर्थ ‘सूचना प्रदान करना’ अनुदेशन तकनीकी में उपलब्ध साधनों के माध्यम से आवश्यकता की पूर्ति करना है। साथ ही विद्यार्थी के व्यवहार को परिमार्जित करता है यानी कि शिक्षण के दौरान शिक्षक अपनी शैक्षिक पद्धति को बार-बार दोहराते हैं। जिसके परिणाम स्वरूप विद्यार्थियों के व्यवहार में बदलाव आता है।उनकी रूचि शिक्षा में पढ़ती है।

अनुदेशन तकनीकी की विशेषताएं:

  1. अनुदेशन तकनीकी में सही उत्तरों का पुर्नबलन होता हैं।
  2. अनुदेशन तकनीकी के जरिए ज्ञानात्मक उद्देश्य को अधिक प्रभावशाली विधि से प्राप्त किया जाता है।
  3. छात्रों को अनुदेशक तकनीकी के प्रयोग से अपनी गति के अनुसार सीखने का अवसर मिलता है।
  4. अनुदेशन तकनीकी का मुख्य कार्य सूचनाएं प्रदान करना है।

3. व्यवहार तकनीकी (Behavioural Technology)

व्यवहार तकनीकी में शिक्षकों के कक्षा संबंधी व्यवहार और विद्यार्थियों के सीखने के व्यवहार में सुधार लाया जाता है।आसान भाषा में व्यवहार तकनीकी वह विज्ञान है- जो शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के व्यवहार का वैज्ञानिक विधियों द्वारा अध्ययन करता है। आवश्यकता अनुसार उनके व्यवहार में विकास करता है।

व्यवहार तकनीकी की विशेषताएं:

  1. व्यवहार तकनीकी शिक्षण के सिद्धांतों के विकास में सहायक है।
  2. व्यवहार तकनीकी ज्ञानात्मक तथा क्रियात्मक दोनों ही तरह के उद्देश्य की पूर्ति करता है।
  3. शिक्षण का वैज्ञानिक ढंग से मूल्यांकन करती है।
  4. व्यवहार तकनीकी मनोविज्ञान केंद्रित विचारधारा है।

4. अनुदेशन प्रारूप (Instructional Design)

अनुदेशन का अर्थ सूचनाएं प्रदान करना और प्रारूप का अर्थ “वैज्ञानिक विधि के द्वारा किसी चीज का प्रारूप (design) तैयार करना” डेविस मेरिट के अनुसार छात्रों के व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए सीखने के सिद्धांतों के साथ-साथ शिक्षण की परिस्थितियों, कार्यों, विधियों और उपागमो के सम्मिलित रूप को ‘अनुदेशन प्रारूप’ कहा जाता है।

शैक्षिक प्रौद्योगिकी के उद्देश्य- (Objective of Education Technology)

शैक्षिक प्रौद्योगिकी को शिक्षण में उपयोग करना शिक्षक और छात्र छात्राओं व शिक्षा से जुड़े लक्ष्य और उद्देश्य को पूरा करना है। शैक्षिक तकनीकी के लक्ष्य एवं उद्देश्य इस प्रकार हैं।

  1. पाठ्यवस्तु का विश्लेषण करना।
  2. शिक्षा के उद्देश्य का निर्धारण करना।
  3. पाठ्यवस्तु का चयन।
  4. शिक्षा अधिगम प्रक्रिया में सुधार।
  5. ज्ञान का संचय।
  6. विद्यार्थियों के उद्देश्य के संबंध में मूल्यांकन करना।
  7. शिक्षण कौशल का विकास करना।
  8. शिक्षण को सरल स्पष्ट और रुचि पूर्ण बनाना।
  9. छात्रों के गुण, क्षमता, स्किल का विश्लेषण करना।
  10. सूचनाओं का प्रक्षेप करना

शिक्षा में तकनीकी और शिक्षा की तकनीकी में अंतर

अब जानते हैं कि शिक्षा में तकनीकी और शिक्षा की तकनीकी में कौन सी चीजें शिक्षण प्रक्रिया में शामिल होती हैं। साथ ही इन दोनों के सामान्य तत्व के बारे में विस्तार पूर्वक ज़ानेगे।

1. शिक्षा में तकनीकी (Technology in Education)

  1. हार्डवेयर टेक्नोलॉजी को इसमें शामिल किया जाता है।
  2. शिक्षा तकनीकी में सभी प्रकार के श्रव्य दृश्य सामग्री संचार एवं संप्रेक्षण साधन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।
  3. शिक्षा में तकनीकी का आशय विभिन्न उपकरणों साधनों और मशीनों का शिक्षा के क्षेत्र में प्रभावपूर्ण उपयोग से है।
  4. यह शिक्षण सामग्री से संबंधित बाहरी आयाम है।

शिक्षा में तकनीकी में शामिल तत्व:

  1. प्रोजेक्टर (projector)
  2. फिल्म (Film)
  3. रेडियो (Radio)
  4. कंप्यूटर (Computer)
  5. मोबाइल (Mobile)
  6. टीवी (T.V)
  7. टेप रिकॉर्डर (Recorder)
  8. इंटरनेट (Internet)

2. शिक्षा की तकनीकी (Technology Of Education)

  1. शिक्षक की तकनीकी में शिक्षण समस्याओं का विश्लेषण शामिल है।
  2. यह अधिगम सामग्री से संबंधित है।
  3. शिक्षा की तकनीकी बाल मनोविज्ञान के सिद्धांत और व्यवहारगत विज्ञान पर आधारित है।
  4. शिक्षा की तकनीकी धारणा शिक्षण अधिगम की योजना में निहित है।
  5. सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी का उपयोग शिक्षा की तकनीकी में किया जाता है।

शिक्षा की तकनीकी में शामिल तत्व:

  1. अनुदेशात्मक तकनीकी (instructional Technology)
  2. शिक्षण तकनीकी (Teaching Technology)
  3. व्यवहारगत तकनीकी (Behavioural Technology)
  4. सूक्ष्म शिक्षण (Micro Teaching)
  5. प्रणाली विश्लेषण (System Anaylsis)
  6. शिक्षक का व्यवहार (Teacher Behaviour)

शैक्षिक तकनीकी के लाभ – Advantages of Educational Technology

  1. शैक्षिक तकनीकी शिक्षण प्रक्रिया को सरल, सुगम, रुचिपूर्ण व प्रभावशाली बनाती है।
  2. शिक्षण कार्य को उद्देश्य केंद्रित बनाने में छात्र केंद्रित रखने में सहायता एवं प्रभावशाली निर्देशन प्रदान करती है।
  3. शैक्षिक तकनीकी शिक्षक को पाठ प्रस्तुतीकरण को प्रभावशाली बनाने में सहायक है।
  4. शिक्षण अधिगम (teaching Learning) प्रक्रिया को रोचक प्रेरक प्रभावशाली बनाकर शिक्षण में सुधार लाकर शिक्षण की गुणवत्ता में विकास करती है।
  5. शिक्षण में विविधता लाने के लिए विभिन्न विधाओं साधनों का प्रयोग करती है।
  6. जनसंचार साधनों का प्रयोग कर बड़ी जनसंख्या तक प्रचार तथा दूरस्थ शिक्षा आदि के द्वारा शिक्षा पहुंचाने में सहायक है।

एजुकेशनल टेक्नॉलजी से जुड़े कुछ सवाल-जवाब (FAQ)

Educational Technology कितने प्रकार की होती हैं?

एजुकेशनल टेक्नोलॉजी तीन प्रकार की होती है- 1. hardware approach 2. software approach 3. system approach

Educational Technology का हिंदी मतलब क्या हैं?

एजुकेशनल टेक्नोलॉजी को हिंदी में “शैक्षिक प्रौद्योगिकी” और “शैक्षिक तकनीकी” कहते हैं।

शैक्षिक प्रौद्योगिकी के रूप कौन-कौन से हैं?

शैक्षिक प्रौद्योगिकी के चार रूप हैं- 1. शिक्षण तकनीकी 2. अनुदेशन तकनीकी 3. व्यवहार तकनीकी 4. अनुदेशन प्रारूप

White Hat Education Technology क्या हैं?

Whitehat एक शिक्षा सेवा है जिस पर इंटरनेट के जरिए बच्चों को कोडिंग सिखाई जाती है।

EDTech का मतलब क्या हैं?

EdTech का पूरा मतलब “educational Technology” है। जिससे शिक्षा को सरल , स्पष्ट, सुगम, रुचिपूर्ण व प्रभावशाली बनाया जाता है।

निष्कर्ष-

Educational Technology समय के साथ इस क्षेत्र का विकास भी बहुत तेजी से हुआ है। आज हर घर में बच्चे अपने पढ़ाई से लेकर मनोरंजन जैसे कार्टून आदि देखकर भी पढ़ते हैं। टीवी, इंटरनेट पर ऐसी वीडियो जाती है जो बेहद आसानी से रुचिपूर्ण तरीके से बच्चों को ज्ञान देती है।

वही एजुकेशन टेक्नोलॉजी का आज इतनी ज्यादा विकास हुआ है। जिसमें आप पूरे कोर्स को अपने घर बैठे सीख सकते हो। ऐसे प्लेटफार्म तैयार किए गए हैं। जिसमें शिक्षक हर सवाल का जवाब कॉमेंट्स में देता है। साथ ही आप उस कोर्स को जब चाहे तब देख सकते हो।

शिक्षण प्रौद्योगिकी में धीरे-धीरे कई और तकनीक को भी शामिल किया जाएगा। जिससे विद्यार्थी शिक्षा को एक दबाव के तौर पर ने देखकर रुचि लेते हुए इसे ग्रहण करें।

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मेरा नाम Abhishek है। इस ब्लॉग का संस्थापक और लेखक हूं। मै Yoabby.com पर सभी आर्टिकल को हिंदी भाषा में लिखता हूं। मुझे लिखने का बहुत पहले से ही शौक था। ब्लॉगिंग के द्वारा मैं अपने शौक को भी पूरा कर रहा हूं। और साथ ही YoAbby.com पर आए लोगों को टेक्नोलॉजी के बारे में हिंदी भाषा में आर्टिकल उपलब्ध करवा रहा हूं।

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